एक अगस्त से पश्चिम बंगाल में सभी संवैधानिक संस्थाएं होंगी सक्रिय : मुख्यमंत्री
कोलकाता, 22 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को विधानसभा में घोषणा की कि राज्य की सभी संवैधानिक और वैधानिक संस्थाएं एक अगस्त से पूरी तरह सक्रिय होकर काम करना शुरू कर देंगी। उन्होंने कहा कि इन संस्थाओं को उनकी संवैधानिक शक्तियों के अनुरूप स्वतंत्र रूप से कार्य करने दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि राज्य की कई महत्वपूर्ण संस्थाओं को वर्षों तक निष्क्रिय रखा गया। उन्होंने कहा कि इससे संवैधानिक व्यवस्था और जवाबदेही की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
मुख्यमंत्री ने जिन संस्थाओं का उल्लेख किया उनमें राज्य मानवाधिकार आयोग, राज्य महिला आयोग, शिशु संरक्षण आयोग, अनुसूचित जाति आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग, अल्पसंख्यक आयोग और सूचना आयोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी संस्थाएं एक अगस्त से नियमित रूप से काम करना शुरू कर देंगी और अपने अधिकार क्षेत्र के मामलों में आवश्यक कार्रवाई करेंगी।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि पूर्व न्यायाधीश अशोक गांगुली को राज्य मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बनाया गया था। उनके अनुसार, जब उन्होंने आयोग के माध्यम से सक्रिय रूप से काम शुरू किया तो उन पर हमले किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ऐसी किसी भी स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेगी और सभी संवैधानिक संस्थाओं को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष ढंग से काम करने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत बनाना, पारदर्शिता बढ़ाना और जनता को प्रभावी न्याय एवं अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सभी आयोग और संस्थाएं अपनी संवैधानिक शक्तियों का उपयोग करते हुए कानून के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगी।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

