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मेशी कार्यक्रम मामले में अरूप विश्वास से साढ़े तीन घंटे थाने में हुई पूछताछ, 22 जून को फिर तलब

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मेशी कार्यक्रम मामले में अरूप विश्वास से साढ़े तीन घंटे थाने में हुई पूछताछ, 22 जून को फिर तलब


कोलकाता, 18 जून (हि.स.)। बहुचर्चित मेशी कार्यक्रम मामले में कलकत्ता उच्च न्यायालय के निर्देश के बाद पूर्व खेल मंत्री अरूप विश्वास गुरुवार को बिधाननगर दक्षिण थाने में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। करीब साढ़े तीन घंटे तक चली पूछताछ के बाद थाने से बाहर निकले। पुलिस ने उन्हें 22 जून को फिर से तलब किया है और कार्यक्रम वाले दिन से संबंधित कुछ दस्तावेज साथ लाने को कहा है।

अरूप विश्वास सुबह लगभग 9:55 बजे बिधाननगर दक्षिण थाने पहुंचे थे। इससे पहले पुलिस की ओर से भेजी गई तीन नोटिस के बावजूद उपस्थित नहीं हुए थे। यह मामला कलकत्ता उच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां अदालत ने उन्हें जांच में सहयोग करने और पुलिस के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था।

उल्लेखनीय है कि, 13 दिसंबर 2025 को कोलकाता के युवा भारती क्रीड़ांगन में आयोजित लियोनेल मेशी के कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्था और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। मामले में कार्यक्रम के प्रमुख आयोजकों में शामिल शतद्रु दत्त को गिरफ्तार किया गया था। उस समय तत्कालीन खेल मंत्री अरूप विश्वास की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे थे।

पश्चिम बंगाल में 4 मई को सत्ता परिवर्तन के बाद मामले ने नया मोड़ लिया। मेशी कार्यक्रम प्रकरण में 38 दिन जेल में रहने वाले शतद्रु दत्त ने अरूप विश्वास के खिलाफ बिधाननगर दक्षिण थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में करोड़ों की वित्तीय अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने अरूप विश्वास को कई बार पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन वह विभिन्न कारणों का हवाला देकर उपस्थित नहीं हुए। इसके बाद मामला उच्च न्यायालय पहुंचा।

10 जून को न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की अदालत ने सुनवाई के दौरान अरूप विश्वास को 17 अगस्त तक सशर्त अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था। हालांकि अदालत ने स्पष्ट कर दिया था कि पुलिस जांच पर कोई रोक नहीं होगी और जांच एजेंसी के बुलाने पर उन्हें उपस्थित होकर पूरा सहयोग करना होगा।

उच्च न्यायालय के निर्देश के अनुपालन में गुरुवार को अरूप विश्वास की थाने में उपस्थिति को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। अब 22 जून को होने वाली अगली पूछताछ पर भी सभी की नजरें टिकी हैं, जहां उनसे कार्यक्रम से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है।------------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर