घर-घर कचरा पृथक्करण की निगरानी के लिए बंगाल में क्यूआर आधारित व्यवस्था शुरू
कोलकाता, 1 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को राज्य के शहरी निकायों में घर-घर कचरा पृथक्करण की निगरानी के लिए क्यूआर कोड आधारित व्यवस्था शुरू की। इसके तहत प्रत्येक घर को एक क्यूआर कोड दिया जाएगा। सफाई कर्मचारी कचरा संग्रहण के दौरान इस कोड को स्कैन कर यह दर्ज करेंगे कि गीले और सूखे कचरे को स्रोत पर अलग किया गया है या नहीं।
शहरी विकास एवं नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य जुर्माने से राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि लोगों में जिम्मेदार नागरिक व्यवहार को बढ़ावा देना और स्वैच्छिक रूप से नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
नई व्यवस्था के तहत सफाई कर्मचारियों को क्यूआर आधारित मोबाइल अनुप्रयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इसके माध्यम से घरों से कचरा संग्रहण के समय पृथक्करण की स्थिति दर्ज की जाएगी और संबंधित जानकारी वास्तविक समय में नगर निकायों तक पहुंचेगी। इससे उन घरों और क्षेत्रों की पहचान करने में मदद मिलेगी, जहां जागरूकता और हस्तक्षेप की अधिक जरूरत है।
सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने, खुले में शौच करने, अवैध रूप से कचरा डालने तथा प्रतिबंधित प्लास्टिक कैरी बैग के इस्तेमाल या उसे साथ रखने पर 200 रुपये का डिजिटल जुर्माना निर्धारित किया है। सार्वजनिक स्थानों पर थूकने पर 100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
अधिकृत नगरपालिका कर्मचारी नियमों के उल्लंघन को दर्ज करने के साथ स्थान आधारित तस्वीर भी ले सकेंगे। इसके बाद डिजिटल चालान जारी किया जाएगा और क्यूआर कोड या ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से जुर्माना जमा किया जा सकेगा। जुर्माना जमा होने के बाद संबंधित व्यक्ति को तत्काल डिजिटल रसीद दी जाएगी।
मंत्री ने कहा कि शहरी स्थानीय निकायों का मुख्य ध्यान जागरूकता और व्यवहार में बदलाव लाने पर होना चाहिए। विभाग ने स्थानीय निकायों को निर्देश दिया है कि क्षेत्रीय अधिकारियों को लोगों को जागरूक करने और समझाने के अभियान में शामिल किया जाए। मोबाइल नंबर के आधार पर बार-बार नियम तोड़ने वालों की पहचान करने को भी कहा गया है। जरूरत के अनुसार सामुदायिक कूड़ेदान उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सरकार ने लोगों से घर से ही गीले और सूखे कचरे को अलग करने, निर्धारित शौचालयों का इस्तेमाल करने, कचरे का उचित तरीके से निपटान करने तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा और थूक नहीं फेंकने की अपील की है।
विभाग के अनुसार यह कार्रवाई ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 तथा उच्चतम न्यायालय और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। शुरुआत में जुर्माने का भुगतान मुख्य रूप से डिजिटल या ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। निर्धारित प्रक्रिया के तहत जरूरत पड़ने पर बाद में नकद भुगतान की व्यवस्था भी शुरू की जा सकती है।------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

