सिंगूर में टाटा की वापसी की कोशिश जारी है - शमिक
पश्चिम बर्दवान, 30 मई (हि.स.)।
पश्चिम बंगाल की राजनीति और औद्योगिक भविष्य को लेकर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता तथा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य
ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने संकेत दिया कि राज्य में उद्योगों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए टाटा ग्रुप को एक बार फिर सिंगूर में निवेश के लिए आमंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि यदि टाटा समूह दोबारा सिंगूर में अपनी औद्योगिक परियोजना स्थापित करता है, तो यह न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश और दुनिया के लिए एक सकारात्मक संदेश होगा। इससे यह संकेत जाएगा कि राज्य अब उद्योगों और निवेश के लिए तैयार है तथा निवेशकों का भरोसा दोबारा हासिल किया जा सकता है।
उन्होंने वर्ष 2008 में सिंगूर से टाटा की नैनो परियोजना के हटने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उस फैसले ने पश्चिम बंगाल की औद्योगिक छवि को गहरा नुकसान पहुंचाया था। इसके बाद राज्य को उद्योग विरोधी के रूप में देखा जाने लगा और कई संभावित निवेशकों ने यहां निवेश से दूरी बना ली।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि बाद के वर्षों में कटमनी संस्कृति, सिंडिकेट राज और संस्थागत भ्रष्टाचार ने राज्य के निवेश माहौल को और अधिक प्रभावित किया। उनका कहना था कि इन परिस्थितियों के कारण उद्योग जगत में पश्चिम बंगाल को लेकर नकारात्मक धारणा बनी रही।
शमिक भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा की सोच अब सिंगूर को उद्योगों के पलायन के प्रतीक से बदलकर उद्योगों की वापसी के प्रतीक के रूप में स्थापित करने की है। इसके तहत ऑटोमोबाइल समेत विभिन्न क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने और सिंगूर को एक आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक विकास के लिए प्रभावी भूमि नीति सबसे बड़ी आवश्यकता है। उनके अनुसार पहले सरकार ने भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी से दूरी बना ली थी, जिसके कारण कंपनियों को स्वयं जमीन खरीदनी पड़ती थी और बड़े निवेश प्रभावित होते थे। हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि इस दिशा में नई नीतियों पर काम चल रहा है और भविष्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

