गंगा में चलेगी वाटर टैक्सी, बाबूघाट से मेटियाब्रुज तक नई जल परिवहन सेवा शुरू करने की तैयारी
कोलकाता, 24 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल सरकार ने सड़क यातायात का दबाव कम करने और यात्रियों को तेज़ एवं सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गंगा नदी में वाटर टैक्सी सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में बाबूघाट से मेटियाब्रुज तक वाटर टैक्सी चलाई जाएगी। इसके अलावा गंगा में लंबी दूरी की आधुनिक यात्री नौकाएं (वेसल) भी संचालित की जाएंगी, जिससे नदी मार्ग से कई नए क्षेत्रों को जोड़ा जा सकेगा।
भाटपाड़ा के गोलघर पार्क में उल्टा रथ के अवसर पर आयोजित खूंटी पूजा कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सड़क परिवहन के साथ-साथ जल परिवहन को भी प्राथमिकता दे रही है। इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और पर्यावरण प्रदूषण पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि दुर्गापूजा से पहले राज्य में बड़ी संख्या में नई सरकारी बसें भी सड़कों पर उतारी जाएंगी, ताकि यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिल सके।
सरकार की योजना के तहत गंगा में कोच्चि की तर्ज पर अत्याधुनिक बैटरी चालित इलेक्ट्रिक हाइब्रिड नौकाएं चलाई जाएंगी। ये पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल होंगी और यात्रियों को तेज़, सुरक्षित तथा आरामदायक यात्रा का अनुभव देंगी।
विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से गंगा तट के बुनियादी ढांचे का भी व्यापक विकास किया जा रहा है। लगभग 50 जेटियों का आधुनिकीकरण किया जा चुका है। करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से 13 ई-वेसल सेवा में लाई जा रही हैं, जबकि 22 अन्य आधुनिक वेसल भी तैयार हो चुकी हैं और जल्द ही संचालन शुरू करेंगी।
इसके अलावा घाटों पर स्मार्ट कार्ड आधारित प्रवेश व्यवस्था विकसित की जा रही है। राज्य सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में जल परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

