लाटागुड़ी जंगल सफारी में बढ़ा खतरा, नियम तोड़ने पर जिप्सी परमिट रद्द करने की चेतावनी
जलपाईगुड़ी, 24 मार्च (हि. स.)। जिले के लाटागुड़ी जंगलों में पर्यटकों को वन्यजीव दिखाने के दौरान लापरवाही के मामले बढ़ते जा रहे है। आरोप है कि जिप्सी चालक और गाइड पर्यटकों को खुश करने के लिए हाथियों और अन्य जंगली जानवरों के बेहद करीब गाड़ियां रोक रहे है, जिससे खतरा बढ़ रहा है।
हाल ही में ऐसी ही एक घटना में कुछ पर्यटक बाल-बाल बच गए, जबकि एक जिप्सी वाहन को भी नुकसान पहुंचा। इस तरह की घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है।
वन विभाग ने साफ किया है कि जंगल के भीतर नियम तोड़कर कहीं भी जिप्सी खड़ी करने पर संबंधित वाहन का परमिट अस्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा। यह कदम पर्यटकों की सुरक्षा और वन्यजीवों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
लाटागुड़ी रेंज के अधिकारी संजय दत्त ने बताया कि सभी चालकों को निर्देश दिया गया है कि वन्यजीव दिखने पर वाहन रोकने के बजाय सामान्य गति से आगे बढ़ें और जानवरों को किसी भी तरह से परेशान न करें। नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से इलाके में कई हाथियों की आवाजाही बढ़ी है और उनका व्यवहार भी आक्रामक हो गया है। कई बार हाथी जंगल के रास्तों या राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ जाते है और वाहनों का पीछा भी करते है।
शुक्रवार सुबह एक जिप्सी में सवार पर्यटकों को एक दंतैल हाथी ने दौड़ा दिया था। मौके पर मौजूद वन कर्मियों की तत्परता से सभी की जान बच गई, लेकिन वाहन को नुकसान पहुंचा। इसके बाद रविवार को भी इसी तरह की घटना सामने आई है।
इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अब सख्ती बढ़ाई जा रही है।
जिप्सी ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने भी कहा है कि पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग के सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

