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रायचेंगा गांव में वोट बहिष्कार का ऐलान, प्रशासन के हस्तक्षेप से बदला फैसला

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रायचेंगा गांव में वोट बहिष्कार का ऐलान, प्रशासन के हस्तक्षेप से बदला फैसला


अलीपुरद्वार, 17 अप्रैल (हि.स.)। सडकों की मरम्मत की मांग को लेकर रायचेंगा गांव में बुधवार को अनोखा विरोध देखने को मिला था। पूरे गांव ने हाल ही में वोट का बहिष्कार करने का ऐलान किया था, लेकिन अब ग्रामीणों ने चुनावी प्रक्रिया में भाग लेने का फैसला कर लिया है।

गांव की करीब एक किलोमीटर और 500 मीटर की दो अहम सड़कें लंबे समय से जर्जर हालत में है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि हल्की बारिश में भी सड़कें पानी और कीचड़ से भर जाती हैं। कई बार जनप्रतिनिधियों को शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसी के विरोध में पास के पारपतलाखावा गांव के लोगों के साथ मिलकर ग्रामीणों ने बैनर लेकर वोट बहिष्कार की रैली निकाली थी।

जैसे ही वोट बहिष्कार की खबर फैली, निर्वाचन आयोग सक्रिय हो गया।

स्थिति को संभालने के लिए शुक्रवार को फालाकाटा के बीडीओ आदृता समाद्दार और थाना प्रभारी नीतेश लामा गांव पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से लंबी बातचीत की और उन्हें मतदान के महत्व के बारे में समझाया। साथ ही प्रशासन की ओर से उनकी मांगों को लेकर एक सामूहिक हस्ताक्षरित आवेदन देने की सलाह दी गई।

प्रशासन के इस सकारात्मक कदम से माहौल बदल गया।

बीडीओ और आईसी की मौजूदगी में ग्रामीणों ने अपना वोट बहिष्कार का फैसला वापस ले लिया। इसके बाद इलाके में सामान्य मतदान का माहौल लौट आया है।

गांव के वरिष्ठ निवासी नृपेन चंद ने कहा कि हमने पहले कई जगह शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसलिए विरोध किया गया। अब प्रशासन ने सकारात्मक पहल की है, इसलिए हम वोट बहिष्कार नहीं करेंगे और सभी मतदान करेंगे। इस त्वरित कार्रवाई के लिए प्रशासन और निर्वाचन आयोग की सराहना की जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार