हाथियों के हमले से परेशान ग्रामीणों का सड़क जाम, सुरक्षा और ठोस कार्रवाई की मांग
अलीपुरद्वार, 12 जुलाई (हि. स.)। लगातार हाथियों के आतंक और वन विभाग की लापरवाही के आरोप में रविवार को फालाकाटा इलाके में भारी तनाव देखा गया। घरों में तोड़फोड़ और फसलों के नुकसान के विरोध में तथा सुरक्षा की मांग को लेकर छोटा सालकुमार, तालुकेरटारी और हरिमंदिर गांव के निवासियों ने फालाकाटा-मादरिहाट राज्य सड़क को करीब सवा घंटे तक जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार रात भी फालाकाटा के इन इलाकों में तीन से अधिक हाथियों के झुंड ने तांडव मचाया। हाथियों के हमले में छह घरों को नुकसान पहुंचा। रात के अंधेरे में जान बचाने के लिए कई ग्रामीण बिस्तर के नीचे छिप गए, जबकि कुछ अपने बच्चों को लेकर पड़ोसियों के घर सुरक्षित स्थान की तलाश में भागे। पूरी रात ग्रामीण भय के साये में गुजारने को मजबूर रहे। हाथियों के बढ़ते आतंक से परेशान होकर रविवार सुबह पांच माइल इलाके के पास हरिमंदिर में स्थानीय पुरुष और महिलाओं ने सड़क जाम कर दिया। इस अवरोध के कारण दोपहर 12 बजे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा। सूचना पाकर फालाकाटा थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस के आश्वासन के बाद दोपहर 12 बजे के करीब जाम हटाया गया।इसके बाद वन विभाग के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि मादरिहाट रेंज के दक्षिण खैरबाड़ी बीट के जंगलों से हाथियों का झुंड अक्सर गांवों में घुस आता है और नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आपात स्थिति में फोन करने पर कई बार वनकर्मी फोन नहीं उठाते या समय पर मौके पर नहीं पहुंचते।
ग्रामीणों ने स्पष्ट मांग की है कि वन विभाग क्षेत्र में निगरानी बढ़ाए और हाथियों के आतंक से स्थायी समाधान निकाले। वन विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और जिन घरों को नुकसान हुआ है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।फिलहाल पुलिस और वन विभाग के हस्तक्षेप के बाद स्थिति सामान्य हो गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

