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बंदे मातरम से श्यामाप्रसाद मुखर्जी की झांकी तक, स्वतंत्रता दिवस पर कोलकाता के रेड रोड पर भव्य नजारा

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बंदे मातरम से श्यामाप्रसाद मुखर्जी की झांकी तक, स्वतंत्रता दिवस पर कोलकाता के रेड रोड पर भव्य नजारा


बंदे मातरम से श्यामाप्रसाद मुखर्जी की झांकी तक, स्वतंत्रता दिवस पर कोलकाता के रेड रोड पर भव्य नजारा


कोलकाता, 15 अगस्त (हि.स.)। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को कोलकाता के रेड रोड पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रभक्ति और बंगाल की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। समारोह में वंदे मातरम की गूंज के बीच मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इससे पहले उन्होंने वीडियो संदेश के माध्यम से राज्यवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

कार्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए 14 आईपीएस अधिकारियों को ‘मुख्यमंत्री पदक’ से सम्मानित किया गया। इस वर्ष पहली बार रेड रोड पर आयोजित परेड में कमांडर के साथ सहायक कमांडर भी शामिल रहे।

परेड के बाद कुल 12 झांकियां प्रदर्शित की गईं। इनमें श्यामाप्रसाद मुखर्जी की झांकी प्रमुख रही। इसके अलावा अन्नामृत, कन्यारत्न और अन्नपूर्णा योजनाओं, आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दुर्गाशक्ति वाहिनी, कोलकाता पुलिस और कोलकाता नगर निगम सहित विभिन्न विभागों और योजनाओं की झांकियां दिखाई गईं।

स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर रेड रोड समेत पूरे कोलकाता में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इस बार राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय बलों को भी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किया गया। शहर में करीब तीन हजार अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गई।

रेड रोड को 13 जोन में बांटा गया था और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी डीसी स्तर के पुलिस अधिकारी को सौंपी गई। इन 13 जोन के अंतर्गत 80 सेक्टर बनाए गए। सुरक्षा व्यवस्था में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त, संयुक्त पुलिस आयुक्त, 20 डीसी और 40 सहायक पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी भी तैनात रहे।

पूरे शहर में नौ पीसीआर वैन और तीन त्वरित कार्रवाई दल लगातार गश्त करते रहे। निगरानी के लिए 19 पुलिस पिकेट, मेट्रो स्टेशनों पर 25 पिकेट तथा विभिन्न बाजारों और शॉपिंग मॉल में 24 पिकेट तैनात किए गए। कालीघाट मंदिर समेत सात धार्मिक स्थलों पर भी सुरक्षा बढ़ाई गई।

शहर की 23 महत्वपूर्ण सड़कों पर नाका जांच की व्यवस्था की गई थी। किसी भी तरह की अप्रिय घटना या तोड़फोड़ की आशंका को रोकने के लिए सादे कपड़ों में पुलिसकर्मियों को दर्शकों के बीच भी तैनात किया गया था।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर