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उत्तर बंगाल और कोलकाता के बीच रेल सेवायें बहाल, न्यू फरक्का से ट्रेनों का संचालन शुरू

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उत्तर बंगाल और कोलकाता के बीच रेल सेवायें बहाल, न्यू फरक्का से ट्रेनों का संचालन शुरू


कोलकाता, 5 सितंबर (हि.स.)। न्यू फरक्का जंक्शन के पास रेलवे ट्रैक पर धंसाव के बाद उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच बाधित हुई ट्रेन सेवाएं अब सामान्य हो गई हैं। शनिवार देर शाम मरम्मत का काम पूरा होने और सभी जरूरी सुरक्षा जांच के बाद इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन फिर से शुरू कर दिया गया। यात्रियों की आवाजाही बहाल करने से पहले क्षतिग्रस्त हिस्से पर परीक्षण के तौर पर ट्रेन चलाकर ट्रैक की स्थिति की जांच की गई।

पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिवराम माझी ने बताया कि हावड़ा और सियालदह से उत्तर बंगाल जाने वाली ट्रेनें शनिवार रात से अपने निर्धारित समय के अनुसार चलेंगी। हालांकि, कुछ अप ट्रेनें पहले ही रद्द की जा चुकी हैं, इसलिए उनके डाउन दिशा में लौटने की स्थिति में कुछ असर रहेगा। रविवार सुबह से डाउन दिशा की ट्रेन सेवाएं भी पूरी तरह सामान्य हो जाएंगी।

मरम्मत के दौरान कुछ ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया। तिलडांगा-बल्लालपुर-न्यू फरक्का मार्ग से 13410 मालदा टाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस, 15647 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-गुवाहाटी एक्सप्रेस, 12345 हावड़ा-गुवाहाटी सरायघाट एक्सप्रेस और 12041 हावड़ा-न्यू जलपाईगुड़ी शताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन किया गया। वहीं, बंडेल-काटोवा-अजीमगंज मार्ग से 13149 कंचनकन्या एक्सप्रेस, 13153 गौड़ एक्सप्रेस, 12343 दार्जिलिंग मेल और 12377 पदातिक एक्सप्रेस को चलाया गया।

दरअसल, 3 सितंबर की रात लगातार भारी बारिश के कारण न्यू फरक्का और तिलडांगा के बीच रेलवे ट्रैक के किनारे की मिट्टी धंस गई थी। अप और डाउन लाइन के बीच की जमीन से पानी रिसने तथा अप लाइन के पास स्थित एक तालाब के कारण स्थिति और गंभीर हो गई। इससे मिट्टी और अधिक नरम हो गई और अप ट्रैक का एक हिस्सा नीचे धंस गया।

रेलवे ने युद्धस्तर पर मरम्मत अभियान चलाकर प्रभावित हिस्से में पाइलिंग, पत्थर की गिट्टी भरने, बैलेस्ट की पैकिंग और ट्रैक को मजबूत करने से जुड़े अन्य जरूरी काम पूरे किए। शुरुआत में छह पाइलिंग रिग और करीब 200 कर्मचारियों को काम पर लगाया गया था। बाद में स्थानीय स्तर पर करीब 100 और कर्मचारियों तथा अजीमगंज से करीब 100 कर्मचारियों को भी अभियान में शामिल किया गया।

मरम्मत पूरी होने के बाद ट्रैक, प्वाइंट और ओएचई समेत सभी जरूरी व्यवस्थाओं की जांच की गई। यात्री ट्रेनों के परिचालन से पहले सफल परीक्षण दौड़ कराई गई। सुरक्षा मानकों की पुष्टि होने के बाद ही इस मार्ग पर नियमित ट्रेन सेवा बहाल की गई।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर