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आसनसोल नगर निगम बोर्ड भंग, प्रशासक नियुक्त

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आसनसोल नगर निगम बोर्ड भंग, प्रशासक नियुक्त


आसनसोल, 08 जुलाई (हि.स.)।

आसनसोल में लंबे समय से चल रहे प्रशासनिक और राजनीतिक गतिरोध के बाद राज्य के नगर एवं शहरी विकास विभाग ने आसनसोल नगर निगम बोर्ड को भंग कर दिया है। मंंगलवार को जारी सरकारी आदेश में पश्चिम बंगाल नगर निगम अधिनियम, 2006 की धारा 60(1) के तहत यह कार्रवाई की गई। इसके साथ ही आईएएस अधिकारी तथा आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण (एडीडीए) की मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं आसनसोल नगर निगम की पूर्व नगर आयुक्त अदिति चौधरी को नगर निगम का प्रशासक नियुक्त किया गया है।

सरकारी आदेश के अनुसार, नागरिक सेवाओं में किसी प्रकार की बाधा न आए, इसलिए प्रशासक को नगर निगम की सभी प्रशासनिक शक्तियां सौंपी गई हैं। नई निर्वाचित नगर निगम बोर्ड के कार्यभार संभालने तक अथवा अधिकतम छह माह तक वह इस जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी।

गौरतलब है कि पिछले दो महीनों से बोर्ड की बैठक नहीं होने, संपत्ति कर माफी के निर्णय, प्रशासनिक गतिरोध तथा नागरिक सेवाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार ने नगर निगम को कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी किया था। मंगलवार को मेयर बिधान उपाध्याय ने ई-मेल के माध्यम से छह पृष्ठों का जवाब भेजा, लेकिन प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सरकार उस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई और बोर्ड भंग करने का फैसला लिया गया।

नगर निगम के भीतर भी पिछले कुछ समय से संकट गहराता जा रहा था। 106 पार्षदों में से छह पार्षद और दो बोरो चेयरमैन पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। इसके अलावा पार्षदों के मानदेय भत्ते तथा वाहनों के लिए मिलने वाले 10 लीटर पेट्रोल की सुविधा भी बंद कर दी गई थी, जिससे प्रशासनिक और राजनीतिक असंतोष और बढ़ गया।

शोकॉज नोटिस के बाद सोमवार को मेयर बिधान उपाध्याय के कोलकाता जाकर तृणमूल कांग्रेस के नेता ऋतब्रत बनर्जी से मुलाकात करने को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई थीं। हालांकि मंगलवार को नगर निगम पहुंचकर मेयर ने राज्य सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि नगर निगम की सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं और प्रशासनिक समस्याओं के बावजूद नागरिक सुविधाएं प्रभावित नहीं हुई हैं।

राज्य सरकार के इस फैसले के बाद आसनसोल की राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासक अदिति चौधरी के नेतृत्व में नगर निगम की सेवाएं कितनी जल्दी सामान्य होती हैं और नए नगर निगम बोर्ड के गठन की प्रक्रिया कब शुरू होती है। समाचार लिखे जाने तक इस निर्णय पर निवर्तमान मेयर बिधान उपाध्याय की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा