नगर निगम चुनाव से पहले तृणमूल के दो पार्षद कांग्रेस में शामिल
कोलकाता, 14 अक्टूबर (हि. स.)। कोलकाता नगर निगम चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के दो पार्षदों के कांग्रेस में शामिल होने से शहर की राजनीति में दल-बदल को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। बुधवार को फरजाना चौधरी और संचिता मंडल ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। मध्य कोलकाता जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार ने दोनों को पार्टी का झंडा सौंपकर कांग्रेस में स्वागत किया।
फरजाना चौधरी कोलकाता नगर निगम के पुराने 64 नंबर वार्ड से पार्षद चुनी गई थीं। वहीं, संचिता मंडल 51 नंबर वार्ड की पूर्व पार्षद हैं। फरजाना पहले भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से जुड़ी थीं। बाद में वह तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुईं और अब कांग्रेस में आ गई हैं। संचिता मंडल के कांग्रेस में शामिल होने को भी आगामी नगर निगम चुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देखा जा रहा है।
इस अवसर पर शुभंकर सरकार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कथित अधिनायकवाद के खिलाफ राहुल गांधी के संघर्ष से प्रभावित होकर विभिन्न दलों के नेता और कार्यकर्ता कांग्रेस से जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बहुलतावादी परंपरा की रक्षा के लिए संघर्ष कर रही है।
शुभंकर सरकार ने कोलकाता में मतदाता सूची से बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि विधानसभा चुनाव में मतदान नहीं कर पाने वाले लोगों को आगामी नगर निगम चुनाव में मतदान का अधिकार दिलाने की मांग को लेकर पूजा के बाद कांग्रेस आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से इस अभियान में शामिल होने की अपील की।
दूसरी ओर, दोनों पूर्व पार्षदों के कांग्रेस में शामिल होने पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सवाल उठाए। पार्टी के कोलकाता जिला सचिव प्रवीर देव ने आरोप लगाया कि पिछले नगर निगम चुनाव के समय दोनों पार्षद तृणमूल कांग्रेस में टिकट पाने की उम्मीद से शामिल हुई थीं। उन्होंने दावा किया कि आगामी चुनाव में कांग्रेस का टिकट पाने की आशा में उन्होंने फिर पार्टी बदला है। प्रवीर देव ने दोनों के राजनीतिक रुख पर भी सवाल उठाए।
कार्यक्रम में मध्य कोलकाता जिला कांग्रेस अध्यक्ष मानस सरकार, प्रदेश कांग्रेस के महासचिव पार्थ भौमिक और सुमन रायचौधरी, सोशल मीडिया विभाग के अध्यक्ष अशोक भट्टाचार्य तथा सांस्कृतिक विभाग की सुदीप्ता रायचौधरी सहित अन्य नेता उपस्थित थे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

