शांतिनिकेतन के सोनाझुरी के एक घर में छापेमारी,
पश्चिम बर्दवान, 11 अगस्त (हि.स.)।
शांतिनिकेतन के सोनाझुरी जंगल के पीछे स्थित एक घर में तलाशी अभियान चलाकर पुलिस ने टुलु मंडल के तीन ‘करीबी’ लोगों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के अनुसार, ये तीनों लंबे समय से इसी घर में रह रहे थे। हालांकि, हिरासत में लिए जाने को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जिस घर में पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया, उसके प्रवेश द्वार के पास लंबे समय से एक कार खड़ी थी। सूत्रों का दावा है कि यह कार कथित तौर पर ‘पाथरसम्राट’ टुलु के साले एमडी शमसुर आलम की है। बताया जा रहा है कि कई महीनों से कार उसी स्थान पर खड़ी थी। इस संबंध में भी पुलिस की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
गौरतलब है कि हाल ही में बीरभूम के मोहम्मदबाजार थाना क्षेत्र के डেউचा गांव में टुलु के रिश्तेदार मिनार मंडल के घर से पुलिस ने करीब 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद किया था। अनुव्रत मंडल के करीबी माने जाने वाले टुलु मंडल फिलहाल फरार हैं। 4 मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से उन्हें सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि वह किसी दूसरे देश में छिपे हुए हैं।
मिनार के घर से नकदी और सोना बरामद होने के बाद बीरभूम जिला पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था। इस मामले में टुलु मंडल को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, टुलु के खिलाफ हत्या के एक मामले समेत कई अन्य मामले भी दर्ज हैं। सुरक्षा और कानूनी संरक्षण की मांग को लेकर टुलु ने कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है।
बीरभूम के पुलिस अधीक्षक विदित राज बुंदेश ने बताया कि अब तक टुलु मंडल की करीब 220 करोड़ रुपये की संपत्ति ‘फ्रीज’ की जा चुकी है। इसमें मिनार मंडल के घर से बरामद करीब 28.5 करोड़ रुपये नकद और 15 किलोग्राम सोना भी शामिल है।
जिस घर से नकदी और सोना बरामद हुआ था, उसके मालिक मिनार ने पुलिस पूछताछ में कथित तौर पर बताया है कि टुलु मंडल ने उन्हें अपनी संपत्तियों की देखरेख की जिम्मेदारी सौंप रखी थी। हालांकि, टुलु फिलहाल कहां हैं, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

