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टुलू मंडल कांड में नया मोड़, सामने आया ‘ऑक्टोपस’ कनेक्शन

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टुलू मंडल कांड में नया मोड़, सामने आया ‘ऑक्टोपस’ कनेक्शन


बीरभूम, 10 अगस्त (हि. स.)। टुलू मंडल कांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे उसके साम्राज्य से जुड़े नए नाम और दस्तावेज सामने आ रहे हैं। एक ओर टुलू मंडल की भारी संपत्ति के स्रोत की जांच चल रही है, वहीं दूसरी ओर उसके करीबी लोगों और कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। इसी मामले में अदालत में सुनवाई के दौरान सरकारी वकील की ओर से ‘ऑक्टोपस’ की थ्योरी सामने रखी गई।

टुलू मंडल के दो मैनेजर सीतेश प्रमाणिक और नईमुद्दीन मंडल को अदालत में पेश किया गया। इस दौरान विशेष सरकारी वकील विभास चटर्जी ने दावा किया कि मामले का मुख्य चेहरा भले ही एक हो, लेकिन टुलू के नेटवर्क की पहुंच ऑक्टोपस की तरह कई दिशाओं में फैली हुई हो सकती है। यानी टुलू को केंद्र में रखकर कई अन्य लोगों और व्यवस्थाओं के जुड़े होने की आशंका है।

सरकारी वकील के मुताबिक, दोनों गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के बारे में जानकारी मिली है। जांच में डीसीआर यानी पत्थर से संबंधित दस्तावेजों को भी अहम सुराग माना जा रहा है।

पुलिस ने टुलू मंडल के विभिन्न ठिकानों से जो डीसीआर बरामद किए थे, उन्हें कथित तौर पर फर्जी बताया गया है। अदालत में दावा किया गया कि ब्लॉक भूमि एवं भूमि सुधार अधिकारी ने इन दस्तावेजों की जांच के बाद सभी डीसीआर को फर्जी होने की पुष्टि की है।

सरकारी वकील का आरोप है कि इन फर्जी डीसीआर का इस्तेमाल कर हर साल करीब 250 से 300 करोड़ रुपये तक की वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार किया गया हो सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले की गहराई से जांच अभी जारी है और पुलिस अधिकारी दस्तावेजों तथा लेनदेन की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। जांच के दौरान सीतेश प्रमाणिक की हाथ से लिखी हुई हिसाब-किताब की कुछ कागजात भी सामने आए हैं। इन दस्तावेजों की लिखावट और प्रामाणिकता की पुष्टि के लिए पुलिस ने अदालत से हैंडराइटिंग विशेषज्ञ की मदद लेने की अनुमति मांगी है।

इसके अलावा मामले में जालसाजी, धोखाधड़ी, सबूत मिटाने की कोशिश और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल से संबंधित चार और धाराएं जोड़ने की मांग की गई है।

इन घटनाक्रमों के बाद जांच का दायरा और बड़ा हो गया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि टुलू मंडल के कथित साम्राज्य की वास्तविक पहुंच कितनी दूर तक थी और ‘ऑक्टोपस’ के कितने हाथ अभी जांच की पहुंच से बाहर हैं।

इसी बीच सोमवार को बीरभूम पुलिस ने टुलू मंडल के करीबी बताए जा रहे आउसग्राम के निर्माण सामग्री कारोबारी मोजम्मेल हक मंडल सहित कई लोगों के घरों पर छापेमारी की। आउसग्राम के कांटाटिकुरी गांव में सुबह से ही पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर तनाव का माहौल बना रहा।

टुलू मंडल के परिचित पत्थर कारोबारी मोजम्मेल हक मंडल के घर पर बीरभूम जिला पुलिस की बड़ी टीम ने तलाशी अभियान चलाया। इस कार्रवाई में बीरभूम पुलिस के साथ पूर्व बर्दवान के आउसग्राम स्थित छोड़ा पुलिस चौकी की पुलिस भी शामिल रही।

पुलिस ने केवल मोजम्मेल हक मंडल के घर पर ही नहीं, बल्कि उनके भतीजे मुर्शिद कलाम मंडल उर्फ काजल के घर को भी घेरकर तलाशी अभियान चलाया।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा