नहर में बहता प्लास्टिक रोकने को ट्रैश बूम, बिल्हौर देहात ग्राम पंचायत ने पेश किया कचरा प्रबंधन मॉडल : मनोज कुमार पटेल
कानपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। नहर में बहकर आने वाले प्लास्टिक को रोकने के साथ उसके वैज्ञानिक निस्तारण और कचरे से आय सृजन की दिशा में बिल्हौर देहात ग्राम पंचायत ने मॉडल तैयार किया है। ट्रैश बूम के जरिए दो माह में आठ टन से अधिक प्लास्टिक नहर से निकाला गया, जबकि पांच विकासखंडों से करीब 40 टन प्लास्टिक अपशिष्ट मैनेजमेंट यूनिट पहुंच चुका है। यह बातें जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज कुमार पटेल ने व्यवस्था की जानकारी देते हुए कहीं।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) फेज-2 के तहत बिल्हौर देहात में प्लास्टिक एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का इंटीग्रेटेड मॉडल विकसित किया गया है। ग्राम पंचायत का चयन वित्तीय वर्ष 2022-23 में ओडीएफ प्लस की मॉडल श्रेणी में किया गया था। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट सेंटर स्थापित किया गया।
जून 2026 में स्वच्छ प्रवाह संस्था और प्लास्टिक फिशर्स के सहयोग से अलियापुर नहर पर ट्रैश बूम लगाया गया। यह पानी के साथ बहकर आने वाले प्लास्टिक को रोककर एक स्थान पर एकत्र करता है। इससे प्रतिदिन करीब 150 किलोग्राम प्लास्टिक एकत्र किया गया। दो माह में आठ टन से अधिक प्लास्टिक नहर से निकाला जा चुका है। एकत्र प्लास्टिक की बेलिंग के बाद उसे रीसाइक्लिंग अथवा को-प्रोसेसिंग के लिए भेजा जा रहा है। जलस्तर बढ़ने के कारण ट्रैश बूम फिलहाल अस्थायी रूप से हटा दिया गया है, जिसे जलस्तर कम होने पर फिर स्थापित किया जाएगा।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट की स्थापना के लिए ग्राम पंचायत को 16 लाख रुपये मिले। इससे यूनिट शेड और फटका, बेलिंग तथा श्रेडिंग मशीनें स्थापित की गईं। यूनिट में आने वाले प्लास्टिक को साफ करने के बाद बेलिंग कर को-प्रोसेसिंग के लिए तैयार किया जाता है। ककवन, चौबेपुर, शिवराजपुर, कल्याणपुर और बिल्हौर विकासखंडों की ग्राम पंचायतों को इस यूनिट से जोड़ा गया है।
स्थानीय कबाड़ियों को भी व्यवस्था से जोड़कर प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन संचालित किया जा रहा है। प्लास्टिक की बिक्री से अब तक 72 हजार रुपये से अधिक की धनराशि ग्राम पंचायत की स्वयं की आय (ओएसआर) में जमा हो चुकी है। ग्राम पंचायत में गीले कचरे और गोबर से वर्मी कम्पोस्ट एवं नाडेप के माध्यम से खाद तैयार की जा रही है। तैयार खाद 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेची जा रही है।
डीपीआरओ मनोज कुमार ने बताया कि बिल्हौर देहात में स्वच्छता को कचरा उठान तक सीमित न रखकर वैज्ञानिक प्रबंधन और आय सृजन से जोड़ा गया है। ट्रैश बूम के माध्यम से जलस्रोत में बहकर आने वाले प्लास्टिक को रोककर उसका भी व्यवस्थित निस्तारण किया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप

