टॉय ट्रेन रूट पर भूस्खलन से निपटने की तैयारी, प्री-मानसून ड्राइव शुरू
सिलीगुड़ी, 23 मार्च (हि. स.)। मानसून आने में अभी कुछ महीने बाकी हैं, लेकिन दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे (डीएचआर) ने अभी से टॉय ट्रेन रूट पर भूस्खलन से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। रेलवे की ओर से ‘प्री-मानसून स्पेशल ड्राइव’ चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत सुकना से लेकर दार्जिलिंग तक फैले पहाड़ी रेलमार्ग पर निगरानी बढ़ा दी गई है। करीब 87 किलोमीटर लंबे ट्रैक की निगरानी के लिए 60 कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो अलग-अलग सेक्शन में बांटकर काम कर रहे हैं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार, पिछले वर्षों में बार-बार हुए भूस्खलन को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। हर कर्मचारी रोजाना ट्रैक पर पैदल निरीक्षण करेगा और कहीं भी दरार, कमजोर हिस्सा या भूस्खलन की आशंका दिखने पर तुरंत रिपोर्ट करेगा।
मामूली संकेत मिलने पर भी जानकारी तुरंत अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी, जिसके बाद इंजीनियरिंग विभाग मौके पर जरूरी मरम्मत, ट्रैक की देखरेख और ड्रेनेज सिस्टम सुधार का काम करेगा।
गौरतलब है कि हर साल मानसून के दौरान न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से सुकना, रंगटोंग और तीनधारिया होते हुए दार्जिलिंग जाने वाले इस रूट पर भूस्खलन के कारण ट्रेन सेवा बाधित हो जाती है। इससे डीएचआर को कई बार सवालों का सामना करना पड़ता है और इसकी यूनेस्को हेरिटेज पहचान बनाए रखना भी चुनौती बन जाता है।
डीएचआर के डायरेक्टर ऋषभ चौधरी ने बताया कि प्री-मानसून ड्राइव शुरू कर दिया गया है। छोटे भूस्खलनों से निपटने के लिए पहले से तैयारी की जा रही है, वहीं बड़े भूस्खलन की स्थिति में भी तेजी से हालात सामान्य करने के लिए टीम तैयार रखी गई है।
जानकारी के मुताबिक, यह विशेष अभियान मानसून सीजन के अंत तक जारी रहेगा, ताकि टॉय ट्रेन सेवा सुचारू रूप से चलती रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

