लाटागुड़ी के रेस्तरां में अनैतिक गतिविधियों से पर्यटन कारोबार चिंतित
जलपाईगुड़ी, 02 अगस्त (हि. स.)। दुर्गापूजा से पहले उत्तर बंगाल के लोकप्रिय पर्यटन केंद्र लाटागुड़ी में रेस्तरां से जुड़ी कथित अनैतिक गतिविधियों के आरोपों ने पर्यटन कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। एक निजी रेस्तरां में कथित देह व्यापार के आरोप में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब कई अन्य रेस्तरां भी प्रशासन की निगरानी में आ गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, पिछले रविवार को लाटागुड़ी के एक निजी रेस्तरां में पुलिस और प्रशासन ने अभियान चलाया था। इस दौरान सिलीगुड़ी की तीन महिलाओं को हिरासत में लिया गया, जबकि असम के पांच युवकों और रेस्तरां के एक कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हालांकि, पूरे मामले में आरोपों की जांच जारी है।
घटना के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
कुछ लोगों का कहना है कि लाटागुड़ी जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल के रेस्तरां में इस तरह की गतिविधियां होने की जानकारी उन्हें नहीं थी। वहीं, कुछ लोगों ने आशंका जताई है कि ऐसी घटनाओं के कारण परिवार के साथ लाटागुड़ी जाने वाले पर्यटक भी अब दोबारा सोच सकते हैं।
लाटागुड़ी में 70 से अधिक रेस्तरां हैं और गोरुमारा तथा चापरामारी के जंगलों को केंद्र बनाकर यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। दुर्गापूजा के मौसम में राज्य के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ दूसरे राज्यों से भी हजारों पर्यटक यहां आते हैं। इस दौरान स्थानीय पर्यटन कारोबार में करोड़ों रुपये का कारोबार होने की उम्मीद रहती है।
लगभग तीन महीने तक बंद रहने के बाद 16 सितंबर से गोरुमारा और चापरामारी के जंगल पर्यटकों के लिए फिर से खुलने वाले हैं।
डूआर्स टूरिज्म डेवलपमेंट फोरम के महासचिव और लाटागुड़ी के पर्यटन कारोबारी दिव्येंदु देव ने बुधवार को बताया कि इस तरह की गतिविधियों को किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने रेस्तरां संचालकों से अधिक सतर्कता के साथ कारोबार करने की अपील की है।
वहीं, लाटागुड़ी रेस्तरां ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव राजाशिस चटर्जी ने कहा कि किसी रेस्तरां में इस तरह की गतिविधि का आरोप साबित होने पर संबंधित रेस्तरां की सदस्यता रद्द करने का फैसला पहले ही लिया गया है। उन्होंने ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रशासन से और कड़े कदम उठाने की मांग की है।
प्रशासन की नजर अब लाटागुड़ी के अन्य कुछ रेस्तरां पर भी है। सूत्रों के अनुसार, अलग-अलग रेस्तरां में लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है और आने वाले दिनों में भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।
स्थानीय लोगों ने भी कुछ रेस्तरांओं में लंबे समय से कथित अनैतिक गतिविधियां चलने के आरोप लगाए हैं। सोमवार रात नेउरा मोड़ इलाके के एक रेस्तरां में एक युवक द्वारा एक युवती को ठहराने के लिए लाए जाने की बात भी सामने आई है। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद दोनों वहां नहीं रुक सके।
हालांकि, पर्यटन कारोबारियों का कहना है कि अब तक किसी पर्यटक ने लाटागुड़ी की बुकिंग रद्द नहीं की है, लेकिन रेस्तरां में ठहरने को लेकर जानकारी लेने वाले कई पर्यटक बाद में बुकिंग की दिशा में आगे नहीं बढ़ रहे हैं।
वहीं, सिलीगुड़ी के पर्यटन कारोबारी सम्राट सान्याल ने कहा कि इस तरह की घटनाओं का पर्यटन पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने रेस्तरां कारोबारियों के साथ-साथ प्रशासन से भी ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की।
पूजा पर्यटन सीजन से ठीक पहले लाटागुड़ी के रिसॉर्ट्स को लेकर उठे सवालों ने पर्यटन कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है। अब प्रशासन की कार्रवाई और जांच के नतीजों पर सभी की नजर है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

