पर्यटन को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की तैयारी, ऐप से जुड़ेंगे होटल टैक्सी संचालक
कोलकाता, 28 जुलाई (हि.स.)। राज्य की पर्यटन व्यवस्था को सुरक्षित और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल सरकार अब होटल, टैक्सी और बुकिंग संचालकों को एक विशेष ऐप के दायरे में लाने की तैयारी कर रही है। राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने मंगलवार को इसकी घोषणा की।
उत्तर बंगाल दौरे के दूसरे दिन मंगलवार को सिलीगुड़ी के एक होटल में पर्यटन और उद्योग क्षेत्र से जुड़े प्रमुख लोगों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्त और पर्यटन मंत्री शंकर घोष मौजूद रहे।
बैठक के बाद पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिक योजना विश्व पर्यटन मानचित्र पर दुर्गापूजा को स्थापित करना है। इसके लिए प्रारंभिक स्तर पर चर्चा हो चुकी है। वित्त विभाग और मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इस संबंध में आधिकारिक घोषणा की जाएगी। वैश्विक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए दुर्गापूजा को दुनिया के सामने पर्यटन के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में पर्यटन क्षेत्र की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई है। उन्होंने कहा कि कई बार पर्यटक धोखाधड़ी और अन्य समस्याओं का सामना करते हैं। इन परेशानियों को दूर करने के लिए एक ऐप तैयार किया जाएगा, जिसमें सरकार के पास पंजीकृत होटल, यात्रा संचालक, टैक्सी संचालक और बुकिंग संचालकों को एक मंच पर लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों से अपील की जाएगी कि वे धोखाधड़ी से बचने के लिए सरकार द्वारा पंजीकृत संस्थाओं का ही चयन करें। उन्होंने कहा कि इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं से निवेशक उत्साहित हैं। उत्तर बंगाल को विशेष महत्व दिया गया है और आने वाले समय में वहां निवेश बढ़ने की संभावना है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों के साथ-साथ समुद्री और बंदरगाह क्षेत्रों के पर्यटन विकास पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों के पहाड़ी क्षेत्रों के लोग दार्जिलिंग घूमने के लिए कम आकर्षित हो सकते हैं, इसलिए मंदारमणि और सुंदरवन जैसे पर्यटन स्थलों को उनके लिए अधिक आकर्षक बनाना होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की वैश्विक पर्यटन केंद्र योजना के तहत दार्जिलिंग के साथ-साथ सुंदरवन को प्राथमिकता दी गई है। मंदारमणि को लेकर भी योजनाएं बनाई जा रही हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि खड़गपुर स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) को भी पर्यटन प्रोत्साहन के कार्य में शामिल किया जाएगा और इसके लिए एक आंकड़ा संग्रह तैयार किया जाएगा।
दूसरी ओर वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्त ने कहा कि सरकार का आर्थिक दृष्टिकोण उत्तर बंगाल को महत्वपूर्ण स्थान देता है। पहले उत्तर बंगाल को केवल चाय और पर्यटन क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब वहां निवेश को बढ़ावा देने की योजना है।
उन्होंने कहा कि उत्तर बंगाल में आने वाले समय में निवेशकों की भागीदारी बढ़ेगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

