home page

जीटी रोड पर टोटो चलाने पर गिरफ्तारी की खबर से चालकों में डर, वैकल्पिक रोजगार की मांग

 | 
जीटी रोड पर टोटो चलाने पर गिरफ्तारी की खबर से चालकों में डर, वैकल्पिक रोजगार की मांग


हुगली, 22 अगस्त (हि.स.)। उत्तरपाड़ा के जीटी रोड पर टोटो (इ रिक्शा) चलाने पर गिरफ्तारी होने की खबर फैलने के बाद शनिवार को टोटो चालकों ने अपने वाहन सड़क पर नहीं उतारे। डर के माहौल के बीच बड़ी संख्या में टोटो चालक हाथों में प्लेकार्ड लेकर उत्तरपाड़ा थाने के सामने पहुंचे और वैकल्पिक रोजगार की मांग की।

उत्तरपाड़ा के बालिखाल से चलने वाले कई टोटो चालकों ने अपने वाहनों पर भगवा झंडे लगाए और हाथों में प्लेकार्ड लेकर अपनी मांग रखी। चालकों का कहना है कि उन्हें मौखिक तौर पर चंदननगर ट्रैफिक पुलिस की ओर से बताया गया था कि जीटी रोड पर टोटो चलाने पर वाहनों को रोका जाएगा और चालकों को गिरफ्तार किया जा सकता है। इसी आशंका के चलते उन्होंने शनिवार को टोटो नहीं चलाया।

उत्तरपाड़ा टोटो यूनियन के नेता तापस पाल ने कहा कि यदि प्रशासन टोटो परिचालन बंद करना चाहता है तो पहले चालकों के लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा, हमारे लिए वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था कर दी जाए, हम टोटो नहीं चलाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक की ओर से टोटो समस्या के समाधान के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

इस मामले में उत्तरपाड़ा के विधायक दीपांजन चक्रवर्ती ने कहा कि उन्हें टोटो चालकों को गिरफ्तार किए जाने संबंधी कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि करीब दो महीने पहले जीटी रोड पर यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई थी। जीटी रोड पर बस रूट भी संचालित होते हैं, इसलिए टोटो के लिए वैकल्पिक मार्ग तलाशने पर विचार किया गया था।

विधायक ने बताया कि करीब डेढ़-दो महीने पहले उन्होंने नगरपालिका चेयरमैन, पुलिस और ट्रैफिक अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी, लेकिन उसके बाद पुलिस की ओर से कोई पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह एसीपी ट्रैफिक ने फोन कर बताया कि टोटो चालकों के साथ जीटी रोड पर टोटो परिचालन को लेकर बैठक की जा रही है।

दीपांजन चक्रवर्ती ने कहा कि कोई भी फैसला लेने से पहले सभी पक्षों के साथ चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि यह केवल यातायात व्यवस्था का मामला नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में टोटो चालकों की आजीविका से जुड़ा प्रश्न भी है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किए बिना अचानक कोई निर्णय लेना उचित नहीं होगा।

विधायक ने यह भी कहा कि यदि किसी टोटो चालक को गिरफ्तार किया जाता है तो वह उनसे निःसंकोच संपर्क कर सकता है, क्योंकि वे उनके भी विधायक हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जहां यातायात व्यवस्था और आम लोगों की परेशानी का ध्यान रखना होगा, वहीं टोटो चालकों की आजीविका के प्रति भी संवेदनशील रहना होगा।

गौरतलब है कि राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और प्रमुख सड़कों पर टोटो का परिचालन नहीं किया जाएगा। हालांकि, स्थानीय स्तर पर इस संबंध में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई थी। अब जीटी रोड पर टोटो परिचालन को लेकर सामने आए घटनाक्रम के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय