पुलिस पर्यवेक्षक के खिलाफ तृणमूल की चुनाव आयोग से शिकायत
कोलकाता, 28 अप्रैल (हि. स.)। विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण से पहले चुनाव आयोग और तृणमूल कांग्रेस के बीच टकराव तेज होता दिख रहा है। मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर एक विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए।
पार्टी की ओर से नेता चंद्रिमा भट्टाचार्य और पूर्व मंत्री अरूप विश्वास कोलकाता स्थित मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। शिकायत दर्ज कराने के बाद मीडिया से बातचीत में चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि राष्ट्रीय चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ऐसे कदम उठा रहा है, जैसे कि वह भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है।
तृणमूल नेताओं ने विशेष रूप से दक्षिण 24 परगना में नियुक्त विशेष पुलिस पर्यवेक्षक की भूमिका पर आपत्ति जताई। उत्तर प्रदेश से आए इस अधिकारी को लेकर चंद्रिमा भट्टाचार्य ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि एक शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक चुनाव में “एनकाउंटर विशेषज्ञ” छवि वाले अधिकारी को पर्यवेक्षक बनाकर भेजने का क्या उद्देश्य है। उन्होंने सवाल किया कि क्या इससे निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित होगा या आम लोगों में भय का माहौल बनेगा।
चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार पर्यवेक्षक केवल आयोग की “आंख और कान” होते हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की प्रत्यक्ष कार्रवाई में शामिल होने का अधिकार नहीं होता। तृणमूल का आरोप है कि संबंधित पुलिस पर्यवेक्षक अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर सीधे अभियानों में शामिल हो रहे हैं।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस या महिला पुलिस की उपस्थिति के बिना आम लोगों के घरों में जाकर तलाशी ली जा रही है और मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है। चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि इस तरह की कार्रवाइयों से लोगों में भय का वातावरण बनाने की कोशिश हो रही है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केंद्रीय बलों या पर्यवेक्षकों की कथित दबंगई के सामने तृणमूल कांग्रेस झुकने वाली नहीं है। इसी संदर्भ में उन्होंने फिल्मी अंदाज में कहा, “पुष्पा… झुकेगा नहीं।” उनका कहना था कि तृणमूल के कार्यकर्ता और बंगाल के लोग डरने वाले नहीं हैं।
तृणमूल नेताओं ने बताया कि मतदान से ठीक पहले देर रात पार्टी कार्यकर्ताओं को बिना कारण गिरफ्तार करने और हिरासत में लेने की घटनाओं को लेकर भी आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके साथ ही पार्टी ने इन मामलों में कानूनी कदम भी उठाए हैं।
सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी के नेतृत्व में कथित अवैध गिरफ्तारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।
तृणमूल का आरोप है कि मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने के उद्देश्य से ही पार्टी कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

