तृणमूल के विद्रोही गुट ने कोलकाता स्थित प्रदेश कार्यालय पर किया पूरा नियंत्रण
कोलकाता, 30 जुलाई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी में जारी अंदरूनी संघर्ष के बीच विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विद्रोही गुट ने कोलकाता के मेट्रोपोलिटन भवन स्थित प्रदेश कार्यालय का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने भवन मालिक के साथ अपना अनुबंध समाप्त कर दिया। इसके बाद विद्रोही गुट ने वर्ष 2027 तक के लिए भवन मालिक के साथ प्रारंभिक पट्टा समझौता कर लिया। इससे अब यह गुट प्रदेश कार्यालय से अपने संगठनात्मक कार्य संचालित करेगा।
उल्लेखनीय है कि चुनाव परिणाम के बाद तृणमूल कांग्रेस दो गुटों में बंट गई थी। एक गुट का नेतृत्व ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी कर रहे हैं, जबकि दूसरे गुट का नेतृत्व पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी कर रहे हैं। वर्तमान में ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं।
सूत्रों के अनुसार, विद्रोही गुट के विधायक और नेता नियमित रूप से मेट्रोपोलिटन भवन स्थित कार्यालय आएंगे। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि प्रतिदिन अलग-अलग नेता कार्यालय में मौजूद रहकर संगठनात्मक गतिविधियां संचालित कर सकें।
बताया जा रहा है कि नए गुट की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक की तिथि अगले दो दिनों में तय की जाएगी। उधर, दोनों गुटों ने पार्टी के नाम, चुनाव चिन्ह और पार्टी कोष पर अधिकार को लेकर भारत निर्वाचन आयोग के समक्ष अपना-अपना दावा प्रस्तुत किया है।
इस बीच पार्टी की वित्तीय स्थिति भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। तृणमूल कांग्रेस के 15 बैंक खातों पर निकासी संबंधी प्रतिबंध लगे हैं। इनमें से तीन खातों पर प्रवर्तन निदेशालय के निर्देश पर रोक लगाई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

