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मां की चिता को मुखाग्नि देकर दी परीक्षा, 479 अंक लाकर सफलता मां को समर्पित

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मां की चिता को मुखाग्नि देकर दी परीक्षा, 479 अंक लाकर सफलता मां को समर्पित


मेदिनीपुर, 09 मई (हि.स.)।

पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के पांशकुड़ा के रहने वाले छात्र सम्राट सामंत ने कठिन परिस्थितियों के बीच माध्यमिक परीक्षा पास कर एक मिसाल पेश की है। मां की मौत के गहरे दुख के बावजूद उसने परीक्षा दी और 479 अंक हासिल किए। सम्राट ने अपनी इस सफलता को अपनी दिवंगत मां को समर्पित किया है।

सम्राट सामंत पांशकुड़ा के महतपुर गांव का निवासी है और नौवीं कक्षा से तामलुक के हैमिल्टन हाई स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के लिए वह स्कूल के हॉस्टल में रहता था। उसके पिता सूर्यकांत सामंत पूर्व मेदिनीपुर में जिला कमांडेंट होमगार्ड के पद पर कार्यरत हैं, जबकि मां परमिता सामंत माइती गृहिणी थीं।

माध्यमिक परीक्षा के पहले दिन सम्राट से मिलने उसके माता-पिता परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोनों स्कूटी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पांशकुड़ा के चांपाडाली इलाके में तामलुक-घाटाल रूट की एक बस ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे में सम्राट की मां परमिता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता सूर्यकांत घायल हो गए।

घटना के बाद पिता ने बेटे को परीक्षा पर ध्यान देने के लिए तुरंत मां की मौत की खबर नहीं दी, ताकि वह अगले दिन की अंग्रेजी परीक्षा दे सके। बाद में परीक्षा के बाद सम्राट को घर लाकर पूरी घटना बताई गई।

मां का अंतिम संस्कार करने और मुखाग्नि देने के बाद सम्राट ने बाकी सभी परीक्षाएं दीं। शुक्रवार को घोषित परिणाम में उसने 479 अंक प्राप्त कर परीक्षा पास कर ली।

सम्राट के पिता ने कहा कि मां को खोने का गहरा दुख होने के बावजूद बेटे ने हिम्मत नहीं हारी और परीक्षा दी। वहीं सम्राट ने कहा कि पढ़ाई के लिए मां ही उसे सबसे ज्यादा प्रेरित करती थीं। अगर वह आज जिंदा होतीं तो बहुत खुश होतीं। इसलिए उसने अपनी यह सफलता मां को समर्पित की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता