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फलता उपचुनाव में तृणमूल गायब, शांतिपूर्ण माहौल

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फलता उपचुनाव में तृणमूल गायब, शांतिपूर्ण माहौल


कोलकाता, 21 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में गुरुवार को पुनर्मतदान के दौरान राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आया। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान ने अंतिम समय में चुनाव मैदान से हटने का फैसला कर लिया, जिसके बाद अधिकांश बूथों पर तृणमूल के एजेंट भी दिखाई नहीं दिए। दूसरी ओर भाजपा उम्मीदवार देवांशु पांडा पूरे आत्मविश्वास के साथ क्षेत्र में घूमते नजर आए।

सुबह से ही कई बूथों पर भाजपा के एजेंट मौजूद रहे, जबकि तृणमूल की ओर से अधिकांश जगहों पर कोई प्रतिनिधि नहीं था। मतदान केंद्रों पर मतदाता शांतिपूर्ण माहौल में वोट डालते दिखे और कहीं किसी प्रकार का तनाव नजर नहीं आया।

इस दौरान राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने तृणमूल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “बहुत सुना था कि बड़े धुरंधर हैं, लेकिन अब दिखाई नहीं दे रहे। पुलिस के बिना लड़ने के लिए भी ताकत चाहिए।”

गौरतलब है कि अप्रैल में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कई बूथों पर विरोधी पार्टी ने एजेंट नहीं बैठने का आरोप लगाया था। उस समय राज्य में तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी। अब राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद फलता के पुनर्मतदान में विपरीत स्थिति दिखाई दी। फलता सीट से तृणमूल उम्मीदवार के तौर पर जहांगीर खान का नाम पहले काफी चर्चा में था। चुनाव के दौरान उनका मुकाबला पुलिस अधिकारी अजयपाल शर्मा से जुड़ी राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर भी सुर्खियों में रहा था। हालांकि भाजपा के सत्ता में आने के बाद जहांगीर खान सार्वजनिक रूप से कम दिखाई दिए और दो दिन पहले उन्होंने मीडिया के सामने पुनर्मतदान से हटने की घोषणा कर दी थी।

फलता विधानसभा क्षेत्र में कुल दो लाख 36 हजार 444 मतदाता हैं। इनमें एक लाख 21 हजार 300 पुरुष, एक लाख 15 हजार 135 महिला तथा नौ तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता