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पुलिस आयुक्त से मिला तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल

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पुलिस आयुक्त से मिला तृणमूल कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल


कोलकाता, 06 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद आसनसोल और पश्चिम बर्धमान जिले में हिंसा के गंभीर आरोपों को लेकर तृणमूल कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पुलिस आयुक्त से मिला। तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष नरेंद्र चक्रवर्ती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार से मुलाकात की, जिसमें वरिष्ठ नेता मलय घटक, विधान उपाध्याय और हरेराम सिंह भी शामिल रहे।

तृणमूल प्रतिनिधिमंडल की ओर से आरोप लगाया गया कि जिले के विभिन्न इलाकों में पार्टी के कई कार्यालयों पर हमला, तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर पार्टी कार्यकर्ताओं पर हमले किए गए। जबरन पार्टी कार्यालयों और सरकारी संस्थानों पर कब्जा करने की शिकायत की गई है।

तृणमूल नेताओं के अनुसार, जिले के कई हिस्सों में पार्टी कार्यालयों को निशाना बनाकर तोड़ा गया, महत्वपूर्ण दस्तावेज और सामान लूट लिए गए और कई जगहों पर आग लगा दी गई। आरोप है कि हजारों कार्यकर्ताओं के घरों पर हमले किए गए, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ, अल्पसंख्यकों पर दबाव बनाया गया और स्थानीय व्यापारियों को आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त को इन सभी घटनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मांग की कि सभी घटनाओं में तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए, दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई हो और सभी पार्टी कार्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, क्षतिग्रस्त कार्यालयों के फोटो और वीडियो सबूत के तौर पर पुलिस प्रशासन को सौंपे गए हैं।

जिलाध्यक्ष नरेंद्र चक्रवर्ती ने साफ कहा कि पार्टी शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के पक्ष में है, लेकिन हिंसा और अराजकता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने और निगरानी बढ़ाने की अपील की, ताकि आम लोगों में भरोसा कायम किया जा सके।

वहीं, पुलिस आयुक्त डॉ. प्रणव कुमार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा रही है और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

फिलहाल संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और राज्य में शांति बहाल करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा