शिलतोरसा नदी का कहर, दस दिनों में 100 बीघा जमीन नदी में समाई
अलीपुरद्वार, 21 जुलाई (हि. स.)। शिलतोरसा नदी के कटाव ने इलाके में भारी तबाही मचा दी है। पिछले दस दिनों में करीब 100 बीघा खेती की जमीन नदी में समा गई, जिससे किसानों को लगभग 40 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी के नेता रणजीत मुंडा ने इलाके का दौरा किया।
बताया जा रहा है कि अलीपुरद्वार एक नंबर ब्लॉक के पूर्व काठलबाड़ी ग्राम पंचायत के कारगिल पाड़ा और आदिवासी पाड़ा में नदी का कटाव लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि मिट्टी का एक बांध भी टूट गया, जिसके कारण नदी का पानी अब बस्ती के बेहद करीब पहुंच चुका है। करीब 100 घरों पर खतरा मंडरा रहा है और लोग अपने घर-बार खोने के डर से दहशत में है।
स्थानीय किसानों के अनुसार, खिड़ा, करेला और बैंगन की खेती के लिए प्रति बीघा करीब 40 हजार रुपये खर्च होते है। ऐसे में अचानक जमीन और फसल नदी में समा जाने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।
मंगलवार को इलाके का दौरा करने पहुंचे भारतीय जनता पार्टी नेता रणजीत मुंडा ने कहा कि वे इस मुद्दे को स्थानीय विधायक और सांसद के सामने उठाकर मुआवजे और कटाव रोकने के लिए स्थायी समाधान की मांग करेंगे।
वहीं, पूर्व काठलबाड़ी ग्राम पंचायत की प्रधान सुपर्णा बर्मन ने बताया कि मामले की जानकारी प्रशासन के उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।
स्थानीय लोगों की मांग है कि जल्द से जल्द मजबूत बांध या बोल्डर लगाकर कटाव को रोका जाए, वरना आने वाले समय में पूरा गांव नदी में समा सकता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन कुमार

