टेट सहित शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री को डब्ल्यूबीटीपीएसटीए का ज्ञापन
कोलकाता, 24 सितंबर (हि. स.)। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं से जुड़े शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) सहित विभिन्न पेशागत और शिक्षा संबंधी मांगों को लेकर पश्चिम बंगाल तृणमूल प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से गुरुवार को विद्यालय शिक्षा मंत्री दीपक बर्मन से मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की गई और ज्ञापन सौंपा गया। विकास भवन, कोलकाता में हुई इस बैठक में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अशोक रुद्र ने शिक्षकों की लंबित समस्याओं और सरकारी विद्यालयों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को मंत्री के समक्ष रखा।
अशोक रुद्र ने बताया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर शिक्षकों में बनी चिंता को दूर करना संगठन की प्रमुख मांगों में शामिल है। संगठन ने राज्य सरकार से विधानसभा में शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में प्रस्ताव लाने तथा समस्या के समाधान के लिए सर्वोच्च न्यायालय में उचित पहल करने की मांग की है। इसके अलावा वर्ष 2012 में शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण कर वर्ष 2014 में नियुक्त प्राथमिक शिक्षकों को अब तक प्रमाणपत्र नहीं मिलने का मुद्दा भी उठाया गया। संगठन ने संबंधित शिक्षकों को जल्द प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की मांग की।
ज्ञापन में सरकारी विद्यालयों में रिक्त शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय पदों पर शीघ्र नियुक्ति, प्रत्येक सरकारी विद्यालय में कम से कम एक स्थायी सफाईकर्मी की व्यवस्था तथा जर्जर विद्यालय भवनों की मरम्मत, पुनर्निर्माण और नियमित रखरखाव की मांग की गई है। शिक्षकों को अत्यधिक गैर-शैक्षणिक कार्यों से राहत देने की मांग भी रखी गई, ताकि वे शिक्षण कार्य पर पूरा ध्यान दे सकें।
इसके अलावा शिक्षकों के लिए पारदर्शी अतिरिक्त शिक्षक समायोजन प्रक्रिया, सहायता प्राप्त विद्यालयों के कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते के भुगतान में तेजी, पात्र शिक्षकों को पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य योजना का लाभ देने, प्रधान शिक्षकों एवं प्रधानाध्यापकों को मिलने वाली अतिरिक्त वेतनवृद्धि को बहाल करने तथा शिक्षकों के लिए पारदर्शी करियर उन्नति योजना लागू करने की मांग की गई।
संगठन ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले शिक्षकों के लिए नियंत्रण एवं व्यय अधिनियम, 2005 से जुड़ी प्रतिबंधात्मक व्यवस्थाओं में बदलाव की मांग भी रखी, ताकि शिक्षक आवश्यक अनुमति लेकर स्नातकोत्तर, पीएचडी और अन्य मान्य उच्च शिक्षाएं प्राप्त कर सकें तथा उनके करियर और वित्तीय लाभ प्रभावित न हों।
ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि हर प्राथमिक विद्यालय में कम से कम तीन शिक्षक सुनिश्चित किए जाएं। साथ ही प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय में कंप्यूटर और विश्वसनीय इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई, जिससे ऑनलाइन रिपोर्टिंग, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और विद्यालय प्रशासन का काम सुचारू रूप से हो सके।
अशोक रुद्र ने बताया कि सरकार द्वारा वेतन आयोग के गठन का स्वागत करते हुए शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों के हित में इसकी सिफारिशों को जल्द लागू करने का अनुरोध किया गया है।
अशोक रुद्र ने कहा कि संगठन ने विद्यालय, विद्यार्थियों और शिक्षकों के हित को ध्यान में रखते हुए सभी प्रमुख मांगें शिक्षा मंत्री के समक्ष रखी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इन लंबित मुद्दों पर प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कदम उठाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

