कोलकाता में 27-28 अगस्त को होगा ‘नो योर टेरिटोरियल आर्मी’ सेमिनार
कोलकाता, 18 अगस्त (हि. स.)। भारतीय प्रादेशिक सेना की ओर से नागरिकों और सेना के बीच संवाद को मजबूत करने के उद्देश्य से 27 और 28 अगस्त को कोलकाता में दो दिवसीय ‘नो योर टेरिटोरियल आर्मी’ सेमिनार का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम न्यू अलीपुर स्थित धनो धान्यो सभागार में होगा। इसमें छात्र, शिक्षाविद, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, स्टार्टअप उद्यमी, पर्यावरणविद और नागरिक समाज से जुड़े लोग हिस्सा लेंगे।
सेमिनार में प्रादेशिक सेना के नागरिक-सैनिक मॉडल और राष्ट्र निर्माण में उसकी बढ़ती भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सेवारत सैनिकों और उद्योग, शिक्षण संस्थानों, स्टार्टअप तथा नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के बीच संवाद होगा। चर्चा में वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों और सेना में नागरिक विशेषज्ञता के उपयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
दो दिवसीय आयोजन में सेना और उद्योग के बीच सहयोग, नई पीढ़ी की तकनीक और स्टार्टअप, सहयोग के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा युवाओं और आम नागरिकों तक प्रादेशिक सेना की पहुंच जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
पहले दिन प्रादेशिक सेना की राष्ट्र निर्माण में बदलती भूमिका और युद्ध क्षेत्र से आगे उसकी जिम्मेदारियों पर चर्चा होगी। ‘सीमाओं से बाइट्स तक बहुआयामी मजबूती’ विषय पर भी सत्र आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा प्रादेशिक सेना, सांस्कृतिक, जातीय और उद्योग से जुड़े प्रदर्शनी स्टॉल लगाए जाएंगे। ‘नो योर टेरिटोरियल आर्मी’ फिल्म का प्रदर्शन, समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर और प्रेरक संध्या कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
दूसरे दिन पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास, प्रादेशिक सेना के भविष्य, नवाचार और भर्ती तथा सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने में नागरिक विशेषज्ञता के इस्तेमाल पर चर्चा होगी। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल राकेश कपूर, एवीएसएम, वीएसएम ‘प्रादेशिक सेना के भविष्य की दृष्टि’ विषय पर मुख्य संबोधन देंगे।
कार्यक्रम में ‘पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास’ तथा ‘सैन्य क्षमताओं में नागरिक विशेषज्ञता : भारत की प्रतिभा का उपयोग’ विषय पर परिचर्चाएं भी होंगी। प्रादेशिक सेना की पारिस्थितिक कार्यबल द्वारा वनीकरण, क्षतिग्रस्त पारिस्थितिकी तंत्र के पुनरुद्धार और पर्यावरण संरक्षण में किए जा रहे कार्यों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, ‘नो योर टेरिटोरियल आर्मी’ का उद्देश्य विभिन्न पेशेवर क्षेत्रों से जुड़े नागरिकों को राष्ट्र सेवा में योगदान के अवसरों से परिचित कराना और सशस्त्र बलों तथा समाज के बीच संबंधों को और मजबूत करना है। कार्यक्रम में नागरिकों के लिए प्रवेश की अनुमति होगी, हालांकि यह स्थान की क्षमता और सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं पर निर्भर करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

