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तारातला गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 16, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

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तारातला गोदाम हादसा: मृतकों की संख्या बढ़कर 16, मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी


कोलकाता, 27 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के कोलकाता के तारातला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। बचाव दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटा है। वहीं, 17 घायल श्रमिक राजकीय एसएसकेएम अस्पताल में उपचाराधीन हैं।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार शाम को बताया था कि इस मामले की जांच कोलकाता पुलिस की अपराध शाखा कर रही है और पुलिस आयुक्त अजय नंद स्वयं इसकी निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें जांच की नियमित जानकारी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जिस व्यक्ति के खिलाफ शुरुआती आरोप लगाए गए थे, उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचार के कारण इस निर्माण को मंजूरी मिली थी। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन मेयर फिरहाद हाकिम ने निर्माण योजना पर हस्ताक्षर किए थे।

पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं में गैर इरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या के प्रयास तथा सामूहिक आपराधिक दायित्व से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।

मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए भू-भेदी रडार, खोजी कुत्तों और भारी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। बचाव अभियान में कोलकाता पुलिस की आपदा प्रबंधन इकाई, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा, कोलकाता नगर निगम, नागरिक सुरक्षा, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल तथा सेना के जवान लगातार अभियान चला रहे हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान इसलिए जारी है क्योंकि हादसे के समय निर्माण स्थल पर मौजूद श्रमिकों की वास्तविक संख्या का कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। पुलिस ने बताया कि मृतकों में तीन नाबालिग श्रमिक भी शामिल हैं, जो निर्माण कार्य में लगे हुए थे।

गौरतलब है कि बुधवार को निर्माणाधीन गोदाम की लोहे की बीम और धातु की चादरें ताजा कंक्रीट का भार नहीं झेल सकीं, जिससे पूरी संरचना भरभराकर गिर गई और कई श्रमिक मलबे के नीचे दब गए। पिछले चार दिनों से लगातार बचाव अभियान जारी है फिर भी सभी को निकाला नहीं जा सका है।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर