दो महीने के भीतर तारापीठ के एक बड़े होटल में लगी आग, सभी अतिथि सुरक्षित
बीरभूम, 27 अक्टूबर (हि. स.)। जिले के तारापीठ में एक बार फिर होटल में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। मंगलवार तड़के रामपुरहाट से तारापीठ जाने वाली सड़क के किनारे स्थित एक बड़े होटल के कमरा नंबर 201 में आग लग गई। हालांकि, पुलिस और दमकल विभाग की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। होटल में ठहरे सभी अतिथियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। दो महीने के भीतर तारापीठ के होटल में आग लगने की यह दूसरी घटना है।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार तड़के करीब तीन बजकर 45 मिनट पर होटल के कमरा नंबर 201 में आग लगी। घटना की सूचना पाकर दमकल विभाग और रामपुरहाट थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। रामपुरहाट थाने के एक अधिकारी ने बताया कि सुबह तीन बजकर 51 मिनट पर आग लगने की सूचना मिली थी। इसके करीब पांच मिनट के भीतर पुलिस और दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंच गईं। होटल में ठहरे 12 अतिथियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। होटल के पर्यटकों और कर्मचारियों को भी तत्काल बाहर निकाला गया। दमकलकर्मियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पा लिया।
इस घटना में किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, आग किस कारण लगी, इसका पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। दमकल विभाग की रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले गत 17 अगस्त को तारापीठ मंदिर के पास स्थित एक होटल में भीषण आग लगी थी। उस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई थी। मृतक सावन महीने में पूजा करने के लिए तारापीठ पहुंचे थे। उस घटना के बाद तारापीठ के इस होटल सहित क्षेत्र के कई अन्य होटलों और अतिथि गृहों में अग्निशमन व्यवस्था पर सवाल उठे थे। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से संबंधित होटलों को नोटिस भी जारी किए गए थे।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं के बीच तारापीठ के होटलों में अग्निशमन व्यवस्था और सुरक्षा के उपायों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

