तारापीठ में 15 होटल बंद करने का निर्देश दिया, अग्निकांड के बाद प्रशासन का कड़ा कदम
बीरभूम, 18 अगस्त (हि. स.)। तारापीठ में होटल में हुए भीषण अग्निकांड में नौ लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। फायर लाइसेंस तथा खाद्य और सुरक्षा से संबंधित जरूरी वैध अनुमति नहीं होने के कारण तारापीठ इलाके के 15 होटलों को बंद करने का निर्देश जारी किया गया है। मंगलवार को रामपुरहाट के एसडीओ अश्विनी कुमार सिंह राठौर ने इसकी जानकारी दी।
सूत्रों के अनुसार, सोमवार को तारापीठ के एक निजी होटल में अचानक आग लग गई थी। इस दर्दनाक हादसे में कुल नौ लोगों की मौत हुई। घटना के बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और तारापीठ के अन्य होटल व लॉज में सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू की गई। होटलों की सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक सरकारी लाइसेंस की जांच के लिए पुलिस, स्थानीय प्रशासन, बिजली विभाग और लॉज मालिकों को शामिल करते हुए एक विशेष ऑडिट कमेटी गठित की गई। मंगलवार सुबह एसडीओ कार्यालय में कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें क्षेत्र के होटल और लॉज में सुरक्षा मानकों तथा जरूरी लाइसेंस की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के बाद एसडीओ अश्विनी कुमार सिंह राठौर ने बताया कि ऑडिट की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 15 होटलों की पहचान की गई है। इनमें कुछ होटलों के पास अग्निशमन विभाग का लाइसेंस नहीं पाया गया, जबकि कुछ के पास खाना पकाने के लिए आवश्यक लाइसेंस भी नहीं हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यटकों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। लाइसेंस और जरूरी सुरक्षा व्यवस्था के बिना किसी भी होटल को कारोबार जारी रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी। तारापीठ के होटल और लॉज में सुरक्षा मानकों की जांच आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

