home page

तमलुक में पुरानी परंपरा के साथ भव्य रथयात्रा की तैयारियां पूरी

 | 
तमलुक में पुरानी परंपरा के साथ भव्य रथयात्रा की तैयारियां पूरी


तमलुक, 15 जुलाई (हि. स.)। पूर्व मेदिनीपुर जिले के तमलुक स्थित ऐतिहासिक श्रीश्री गौरांग महाप्रभु मंदिर में रथयात्रा को लेकर अंतिम तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस वर्ष रथ महोत्सव के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर पुरी धाम से भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा की दारु विग्रह प्रतिमाएं लाई गई हैं। इनके लिए लगभग 15 से 17 फुट ऊंचे तीन नए रथ तैयार किए गए हैं।

करीब 500 वर्ष पुराने ताम्रलिप्त धामेश्वर स्वयंभू श्रीश्री गौरांग महाप्रभु मंदिर में 29 जून से 31 दिवसीय ताम्रलिप्त रथयात्रा महोत्सव शुरू हुआ है, जो 29 जुलाई तक चलेगा। इस अवधि में प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए पुरी धाम के महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई है।

मंदिर प्रबंधन की ओर से स्वास्थ्य जांच, नेत्र जांच और रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया है। मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि रथयात्रा के दौरान डेढ़ लाख से दो लाख श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण करेंगे।

रथयात्रा के दिन रथ महाप्रभु मंदिर से निकलकर तमलुक नगरपालिका क्षेत्र, बर्गभीमा मंदिर, बड़ा बाजार, निमतला, अस्पताल मोड़ और मानिकतला होते हुए तामलुक राजबाड़ी स्थित मौसी घर तक पहुंचेगा। उल्टा रथ के दिन भगवान पुनः इसी मार्ग से मंदिर लौटेंगे।

मंदिर के आचार्य प्रभुपाद गौर किशोरानंद देव गोस्वामी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं और सामाजिक दायित्व को ध्यान में रखते हुए शांतिपूर्ण ढंग से महोत्सव आयोजित करने की योजना बनाई गई है।

मंदिर प्रबंधन ने दावा किया है कि राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी वर्ष 2009 से इस रथयात्रा से जुड़े हुए हैं और उन्होंने तैयारियों की जानकारी ली है। रथयात्रा के दिन उनके द्वारा आरती के साथ महोत्सव का शुभारंभ किए जाने की संभावना है।

पुरी से लाई गई नई प्रतिमाएं, नए रथ, महाप्रसाद वितरण और विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों के कारण इस वर्ष ताम्रलिप्त रथयात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता