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गैस नहीं मिलने से तमलुक मेडिकल कॉलेज कैंटीन में लकड़ी से बन रहा भोजन

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गैस नहीं मिलने से तमलुक मेडिकल कॉलेज कैंटीन में लकड़ी से बन रहा भोजन


पूर्व मेदिनीपुर, 30 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के ताम्रलिप्त मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के कैंटीन में रसोई गैस की कमी के कारण कर्मचारियों को अब लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति के चलते कैंटीन के दैनिक मेनू में भी कटौती करनी पड़ी है, जिससे कर्मचारियों और छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कैंटीन में प्रतिदिन अस्पताल के स्टाफ और विद्यार्थियों सहित लगभग 600 से 650 लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। इसके लिए रोजाना चार गैस सिलेंडरों की आवश्यकता होती है, लेकिन हाल के दिनों में केवल दो सिलेंडर ही उपलब्ध हो पा रहे हैं। गैस की कमी के कारण सोमवार से कैंटीन के सामने अस्थायी तंबू लगाकर दो मिट्टी के चूल्हों और दो टिन के चूल्हों में लकड़ी जलाकर खाना पकाया जा रहा है।

कैंटीन के रसोईया अर्पण माइती ने बताया कि गैस संकट के कारण नाश्ते से लेकर मुख्य भोजन तक के मेनू में कटौती करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति कब तक चलेगी, इसका अंदाजा नहीं है। इस समस्या की जानकारी उच्च अधिकारियों को भी दे दी गई है और समाधान का इंतजार किया जा रहा है।

कैंटीन के एक अन्य कर्मचारी अर्पण ने बताया कि गैस की कमी के कारण अब भात और सब्जी जैसे कई व्यंजन लकड़ी के चूल्हे पर बनाए जा रहे हैं, जबकि कुछ सीमित भोजन ही गैस पर तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में काफी कठिनाई हो रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता