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उगाही और सिंडिकेट राज को लेकर आपस में भिड़े भाजपा के दो विधायक, सरेआम हुई तीखी बहस

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उगाही और सिंडिकेट राज को लेकर आपस में भिड़े भाजपा के दो विधायक, सरेआम हुई तीखी बहस


कोलकाता, 23 सितंबर (हि.स.)। राज्य के मंत्री और विधाननगर के भाजपा विधायक शारद्वत मुखोपाध्याय के 'विधायक दरबार' में राजारहाट-न्यूटाउन के भाजपा विधायक पीयूष कानोरिया के अचानक पहुंचने से भारी हंगामा खड़ा हो गया। मंगलवार रात दमदम पार्क इलाके में आयोजित इस कार्यक्रम में पीयूष कानोरिया ने मंत्री शारद्वत की ओर उंगली उठाते हुए ऊंचे स्वर में उगाही और सिंडिकेट राज को लेकर कई गंभीर सवाल दागे। सार्वजनिक मंच पर अपनी ही पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई इस तीखी बहस से वहां मौजूद कार्यकर्ताओं के लिए और शहर की स्थिति उत्पन्न हो गई।

दक्षिण दमदम नगर पालिका के वार्ड नंबर 28 में मंगलवार रात पौने आठ बजे मंत्री शारद्वत मुखोपाध्याय ने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने के लिए यह बैठक बुलाई थी। बैठक के दौरान जब मंत्री लोगों की शिकायतें पढ़ रहे थे, तभी विधायक पीयूष कानोरिया वहां पहुंचे और आम जनता के बीच जाकर बैठ गए। मंत्री ने स्थिति को संभालते हुए उन्हें यह कहकर मंच पर बुलाया कि पड़ोसी विधानसभा के विधायक पीयूष कानोरिया आए हैं। इस पर पीयूष ने तुरंत आपत्ति जताते हुए कहा कि मंत्री उन्हें किसी अन्य विधानसभा का विधायक नहीं कह सकते।

मंच पर जाने के बाद भी माहौल तनावपूर्ण बना रहा। मंत्री शारद्वत ने जनता द्वारा भेजे गए कई बेनामी पत्र पढ़कर सुनाए, जिनमें इलाके में सिंडिकेट और जबरन उगाही की शिकायतें की गई थीं। शिकायतों का जवाब देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि अब राज्य में बदलाव की सरकार है और निर्माण सामग्री खरीदने के लिए सभी पूरी तरह स्वतंत्र हैं। उन्होंने पुरानी तृणमूल सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अब डरने की जरूरत नहीं है, सरकार की नीति है 'न खाऊंगा, न खाने दूंगा'।

मंत्री के इस आश्वासन के तुरंत बाद विधायक पीयूष कानोरिया ने माइक्रोफोन पकड़ लिया और अपनी ही पार्टी के नेताओं पर हमला बोल दिया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने अपने जीवन में कभी किसी को सिंडिकेट नहीं चलाने दिया। पीयूष ने सीधे मंत्री से सवाल किया कि जिन आपराधिक तत्वों को उन्होंने इतने सालों तक इलाके में घुसने नहीं दिया, उन्हें अब मंत्री के करीब बैठे लोग राजनीतिक संरक्षण देकर वापस क्यों ला रहे हैं। उन्होंने 'भिखारी' नामक एक व्यक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि जिसने कभी हथियार दिखाकर धमकाया था, उसे इलाके में क्यों प्रवेश करने दिया जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने वहां मौजूद नगर पालिका की कार्यकारी अधिकारी से भी एक ही व्यक्ति को 18 लाइटों का ठेका दिए जाने को लेकर तीखे सवाल पूछे और जवाब मांगा।

इस पूरी घटना से स्थानीय भाजपा कार्यकर्ता काफी हैरान हैं और पार्टी के अंदरखाने इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। कुछ स्थानीय नेताओं का मानना है कि पीयूष कानोरिया का बिना मांगे सिंडिकेट पर सफाई देना कई तरह के संदेह पैदा करता है। इस पूरे विवाद पर मंत्री शारद्वत ने सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अपने क्षेत्र के लोगों से बात कर रहे थे और पार्टी आलाकमान अगर इस घटना पर स्पष्टीकरण मांगेगा, तो वह पूरी बात बताएंगे। दूसरी ओर, पीयूष ने अपनी आक्रामकता को सही ठहराते हुए कहा कि दमदम पार्क उनका पुश्तैनी इलाका है और वह किसी भी कीमत पर वहां की शांति भंग नहीं होने देंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर