प्रशांत बर्मन की गिरफ्तारी से भावुक हुईं स्वर्ण व्यवसायी की पत्नी, बोलीं— अब न्याय मिलने की उम्मीद है
कोलकाता, 26 मई (हि. स.)। सॉल्टलेक के स्वर्ण व्यवसायी स्वपन कामिल्या हत्याकांड के मुख्य आरोपित और राजगंज के बर्खास्त बीडीओ प्रशांत बर्मन की गिरफ्तारी की खबर सुनकर मृतक की पत्नी ममता कामिल्या भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
मंगलवार शाम फोन पर बातचीत के दौरान रोते हुए ममता कामिल्या ने कहा कि मैं खुश हूं, बहुत खुश हूं। मुझे उम्मीद है कि अब न्याय मिलेगा। हालांकि जब उन्हें पता चला कि प्रशांत बर्मन को स्वपन कामिल्या हत्याकांड में नहीं, बल्कि कथित रूप से नशे की हालत में वाहन चलाकर एक राहगीर को टक्कर मारने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, तो वह कुछ पल के लिए चिंतित और निराश भी दिखीं।
उन्होंने कहा, “ऐसा है? फिर क्या होगा?” लेकिन तुरंत ही खुद को संभालते हुए बोलीं, “मुझे भरोसा है कि नई राज्य सरकार उसे छोड़ेगी नहीं और कड़ी सजा देगी।”
सूत्रों के अनुसार, प्रशांत बर्मन को न्यू टाउन इलाके में कथित तौर पर शराब के नशे में गाड़ी चलाते समय एक राहगीर को टक्कर मारने के आरोप में इको पार्क थाने की पुलिस ने सोमवार रात गिरफ्तार किया। बताया गया कि वह न्यू टाउन के एक बार में शराब पीने के बाद कार चला रहे थे और सिटी सेंटर-2 के सामने नियंत्रण खो बैठे। आरोप है कि दुर्घटना के बाद उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन स्थानीय लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
ममता कामिल्या ने स्पष्ट आरोप लगाया कि उनके पति की हत्या प्रशांत बर्मन ने ही कराई थी। उन्होंने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि प्रशांत ही हत्या का जिम्मेदार है। इसमें हमें कोई संदेह नहीं है।”
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के दिलमाटिया गांव निवासी स्वपन कामिल्या व्यवसाय के सिलसिले में सॉल्टलेक के दत्ताबाद इलाके में रहते थे। पिछले वर्ष 28 अक्टूबर को उनके अपहरण और हत्या का आरोप तत्कालीन बीडीओ प्रशांत बर्मन और उसके सहयोगियों पर लगा था। आरोप है कि उत्तर बंगाल स्थित प्रशांत बर्मन के घर से नकदी और सोने के आभूषण चोरी होने के बाद उसने स्वपन कामिल्या पर चोरी का सामान खरीदने का आरोप लगाया था।
मिली जानकारी के अनुसार, स्वपन को अगवा कर न्यू टाउन के एबी ब्लॉक स्थित एक मकान में ले जाया गया, जहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। अगले दिन 29 अक्टूबर को बागजोला नहर किनारे यात्रागाछी इलाके से उनका क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। इसके बाद परिवार ने विधाननगर दक्षिण थाने में अपहरण और हत्या का मामला दर्ज कराया था।
पति की मौत के बाद परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। ममता कामिल्या ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं— बेटी बारहवीं कक्षा में पढ़ती है और बेटा इस वर्ष माध्यमिक परीक्षा देगा। उन्होंने कहा कि हम गरीब लोग हैं। घर कैसे चल रहा है, यह सिर्फ मैं और भगवान जानते हैं। दो पैसे कमाने के लिए अब मुझे लोगों के घरों में काम करना पड़ता है।
उन्होंने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से अपील करते हुए कहा कि मेरी सिर्फ एक विनती है—उस आदमी को किसी भी हालत में मत छोड़िए। उसे सबसे कड़ी सजा दीजिए।
गौरतलब है कि प्रशांत बर्मन पर आरोप है कि वह पूर्व तृणमूल सरकार के शीर्ष नेताओं के करीबी थे और इसी कारण हत्या के आरोप के बावजूद लंबे समय तक पुलिस कार्रवाई में देरी हुई। बाद में अदालत के दबाव में जांच तेज हुई और मामला कलकत्ता हाई कोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने प्रशांत बर्मन को आत्मसमर्पण का निर्देश दिया था, लेकिन वह फरार हो गया था। लगभग पांच महीने बाद अब उसकी गिरफ्तारी हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

