कोलकाता के एक और पार्षद गिरफ्तार, संख्या बढ़कर हुई 10
कोलकाता, 10 जून (हि. स.)। कोलकाता नगर निगम के 58 नंबर वार्ड के पार्षद तथा पूर्व मेयर परिषद सदस्य स्वपन समाद्दार को पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ हत्या के प्रयास, छेड़छाड़ और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े आरोप लंबे समय से लंबित थे। पुलिस ने वर्ष 2022 की एक घटना के संबंध में नारकेलडांगा थाने में दर्ज मामले के आधार पर यह कार्रवाई की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्वपन समाद्दार को फूलबागान इलाके से गिरफ्तार किया गया। उनकी गिरफ्तारी के साथ ही कोलकाता नगर निगम के गिरफ्तार पार्षदों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
स्वपन समाद्दार का नाम पहले भी चर्चित अभिजीत हत्या मामले में सामने आ चुका है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद राज्य में हुई कथित चुनाव पूर्व हिंसा की जांच के दौरान केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले की पड़ताल की थी। जांच में स्वपन समाद्दार का नाम आरोपितों के रूप में सामने आया था।
गौरतलब है कि दो मई 2021 को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद कोलकाता के विभिन्न इलाकों में हिंसा की घटनाओं के आरोप लगे थे। उसी दौरान अभिजीत ने अपने एक्स पर प्रसारित एक प्रत्यक्ष वीडियो संदेश में दावा किया था कि उनके घर और पालतू जानवरों पर हमला किया गया है। इसके कुछ घंटों बाद उनका शव बरामद हुआ था, जिससे पूरे राज्य में राजनीतिक और कानूनी विवाद खड़ा हो गया था।
इसके बाद अभिजीत के परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था।
सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र में स्वपन समाद्दार के अलावा बेलियाघाटा के पूर्व तृणमूल विधायक परेश पाल का नाम भी शामिल किया गया था। अब स्वपन समाद्दार की गिरफ्तारी को इसी मामले से जुड़े घटनाक्रमों में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
राजनीतिक हलकों में इस गिरफ्तारी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है, जबकि जांच एजेंसियां मामले के अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

