तारकेश्वर में पूर्व नगरपालिका चेयरमैन स्वपन सामंत को जूतों की माला पहनाकर घुमाने का वीडियो वायरल
हुगली, 22 जून (हि. स.)। तारकेश्वर नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता स्वपन सामंत के साथ कथित रूप से सार्वजनिक अपमान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो (हालांकि हिन्दुस्थान समाचार वीडियो की पुष्टि नहीं की है) में कुछ लोगों को उनके गले में जूतों की माला पहनाकर सड़क पर घुमाते, अंडे फेंकते तथा उनसे कान पकड़कर उठक-बैठक कराते हुए देखा जा रहा है। घटना को लेकर इलाके में व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, तारकेश्वर नगरपालिका के पूर्व चेयरमैन तथा वर्तमान में वार्ड संख्या आठ के पार्षद स्वपन सामंत को कुछ भाजपा समर्थकों ने पद्मपुकुर इलाके में घुमाया। इस दौरान उनके गले में जूतों की माला पहनाई गई और कथित रूप से उन पर अंडे भी फेंके गए। इतना ही नहीं, उन्हें सार्वजनिक रूप से कान पकड़कर उठक-बैठक करने के लिए भी मजबूर किया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान वहां मौजूद लोगों की ओर से चोर-चोर के नारे लगाए गए। वायरल वीडियो में स्वपन सामंत को हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए भी देखा जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
घटना के दौरान कुछ लोगों ने स्वपन सामंत पर कथित वसूली सहित अन्य आरोप भी लगाए। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
इस संबंध में भाजपा नेता एवं तारकेश्वर के विधायक ने संतु पान ने सोमवार को कहा कि यह लोगों के आक्रोश की अभिव्यक्ति है। उनके अनुसार, लंबे समय से लोग खुद को उपेक्षित, प्रताड़ित और असहाय महसूस कर रहे थे तथा अब उनका गुस्सा सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि किसी को इस तरह का व्यवहार करने के लिए सिखाया या उकसाया नहीं गया, बल्कि यह जनाक्रोश का परिणाम है।
वहीं घटना पर तृणमूल कांग्रेस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एक समय तारकेश्वर की राजनीति में बेहद प्रभावशाली माने जाने वाले स्वपन सामंत के साथ हुई इस घटना ने जिले के राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मामले पर प्रशासन और संबंधित राजनीतिक दलों की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

