जादवपुर विश्वविद्यालय के प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाना दुर्भाग्यपूर्ण: स्वपन दासगुप्ता
कोलकाता, 21 अगस्त (हि.स.)। जादवपुर विश्वविद्यालय में पिछले कुछ दिनों से जारी तनाव, झड़प और तोड़फोड़ की घटनाओं के बीच पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने शुक्रवार को विश्वविद्यालयों में राजनीतिक दलों और बाहरी लोगों के हस्तक्षेप पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाओं से राज्य और प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान दोनों की बदनामी होती है।
दासगुप्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में छात्र राजनीति का लंबा इतिहास रहा है और विश्वविद्यालय परिसरों में राजनीतिक गतिविधियां कोई नई बात नहीं हैं। हालांकि, छात्र राजनीति और बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप के बीच अंतर बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छात्र समुदाय को अपनी बात रखने और अपने मुद्दों पर राजनीति करने की पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए, लेकिन बाहरी राजनीतिक ताकतों को विश्वविद्यालय के माहौल को प्रभावित करने से दूर रहना चाहिए।
वित्त मंत्री ने जादवपुर विश्वविद्यालय को शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट संस्थान बताते हुए कहा कि परिसर में दो गुटों के बीच हुई झड़प और ऐतिहासिक प्रतीक चिह्न के साथ की गई तोड़फोड़ से संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने विश्वविद्यालय में सामान्य शैक्षणिक माहौल बहाल करने की जरूरत पर जोर दिया।
गौरतलब है कि जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में बुधवार रात बाहरी लोगों के प्रवेश, आगजनी और हमले के बाद गुरुवार को भी तनाव बना रहा। इसके बाद परिसर में तोड़फोड़ और विश्वविद्यालय के प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाने की घटना सामने आई। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने शुक्रवार को जादवपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
प्रशासन ने घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित करने का फैसला किया है। साथ ही परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस को सौंपने की बात कही गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिकायत में आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
घटनाओं के विरोध में जादवपुर विश्वविद्यालय शिक्षक संघ ने शुक्रवार को दोपहर दो से चार बजे तक कार्य बहिष्कार भी किया और अरविंद भवन के सामने धरना दिया। वहीं, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने विश्वविद्यालय के प्रतीक चिह्न को नुकसान पहुंचाने के आरोप से इनकार करते हुए इसके लिए कथित अतिवामपंथी तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है। संगठन ने मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

