तारकेश्वर संत सम्मेलन में स्वामी प्रज्ञानंद महाराज की टिप्पणी से राजनीतिक चर्चा तेज
हुगली (तारकेश्वर), 14 जुलाई (हि. स.)। जिले के तारकेश्वर में श्रावणी मेले के उद्घाटन समारोह के तहत आयोजित संत सम्मेलन में स्वामी प्रज्ञानंद महाराज के संबोधन ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी। अपने भाषण में उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तीखी आलोचना की।
स्वामी प्रज्ञानंद महाराज ने मंच से कहा कि जिस प्रकार मां दुर्गा असुरों का संहार करती हैं, उसी प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संस्कृत परंपरा को नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक समय पश्चिम बंगाल में लगभग पांच हजार संस्कृत टोल (पारंपरिक संस्कृत शिक्षण संस्थान) थे, लेकिन तृणमूल कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद इनमें से अधिकांश बंद हो गए या समाप्त कर दिए गए, जिससे संस्कृत शिक्षा और साहित्य को गंभीर क्षति पहुंची।
उन्होंने कहा कि संस्कृत भाषा और भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आना चाहिए। उनके अनुसार, प्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली और संस्कृत अध्ययन का पुनर्जीवन समय की आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि श्रावणी मेले के उद्घाटन अवसर पर तारकेश्वर में राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु पहुंचे। मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रशासन की ओर से व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय

