खुदीराम बोस की जन्मभूमि पर मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि, पांच करोड़ की घोषणा
पश्चिम मेदिनीपुर, 11 अगस्त (हि. स.)। बलिदानी क्रांतिकारी खुदीराम बोस के आत्मबलिदान दिवस पर मंगलवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर प्रखंड के मोहबनी स्थित उनकी जन्मभूमि पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। खराब मौसम और हेलीकॉप्टर में तकनीकी खराबी के कारण मुख्यमंत्री को कोलाघाट तक हेलीकॉप्टर से पहुंचने के बाद सड़क मार्ग से मोहबनी जाना पड़ा। मुख्यमंत्री करीब डेढ़ बजे मोहबनी पहुंचे।
मोहबनी पहुंचने पर मुख्यमंत्री ने बलिदानी खुदीराम बोस की पूर्णाकृति प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने उनकी जन्मभूमि और पुश्तैनी आवास का अवलोकन किया तथा परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर बातचीत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खुदीराम बोस की जन्मभूमि और ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने मोहबनी विकास बोर्ड को पांच करोड़ रुपये की सहायता देने की घोषणा की। पुश्तैनी घर में संग्रहालय और प्रदर्शनी दीर्घा बनाने के साथ ही वहां लेजर शो की व्यवस्था की जाएगी। खुदीराम बोस तथा मेदिनीपुर के स्वतंत्रता संग्राम पर शोध करने वाले लोगों के लिए ठहरने की व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खुदीराम बोस भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारियों में से एक थे। उनका साहस, देशभक्ति और राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान आज भी नई पीढ़ी को प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस जैसे महान क्रांतिकारी को पाठ्यक्रम की चार पंक्तियों तक सीमित रखना उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि स्कूल से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक खुदीराम बोस के जीवन, संघर्ष और बलिदान का व्यापक अध्ययन कराया जाना चाहिए। इसके लिए उन्होंने शिक्षा विभाग से आवश्यक कदम उठाने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अविभाजित मेदिनीपुर की धरती ने खुदीराम बोस और वीरांगना मातंगिनी हाजरा जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को जन्म दिया है। ऐसे महान व्यक्तित्वों के जीवन और संघर्ष को घर-घर तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि अमित शाह ने खुदीराम बोस के आत्मबलिदान दिवस पर उनके लिए कुछ करने की पहल के संबंध में उनसे बात की थी और मोहबनी जाकर श्रद्धांजलि देने के निर्णय का स्वागत किया था।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को घोषित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि खुदीराम बोस की जन्मभूमि केवल पश्चिम मेदिनीपुर या बंगाल की नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक धरोहर है। इसके संरक्षण और विकास के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता

