जनता दरबार में वृद्ध ने लगाई गुहार, जमीन देने के बाद भी नहीं मिला फ्लैट
कोलकाता, 25 मई (हि. स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साप्ताहिक ‘जनता दरबार’ में सोमवार को विभिन्न जिलों और पेशों से जुड़े लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। सॉल्टलेक स्थित भाजपा कार्यालय में सुबह नौ बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों के प्रतिनिधियों से लेकर आवास संबंधी शिकायत लेकर आए नागरिकों ने अपनी बातें रखीं।
भवानीपुर के 81 वर्षीय प्रवीर मुखर्जी ने जनता दरबार में पहुंचकर कारोबारी जय कामदार और सोना पप्पू पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी पैतृक जमीन जय कामदार को दी थी। जमीन पर बहुमंजिली निर्माण भी हो गया, लेकिन उन्हें अब तक फ्लैट नहीं मिला।
प्रवीर मुखर्जी ने आरोप लगाया कि गिरफ्तारी से पहले जय कामदार ने फ्लैट देने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बदले 17 लाख रुपये की मांग की गई। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल अपनी पत्नी के साथ किराये के मकान में रह रहे हैं। हालांकि, जनता दरबार में मुलाकात के बाद उन्होंने संतोष जताते हुए कहा कि शुभेंदु अधिकारी ने समस्या के समाधान का भरोसा दिया है।
वहीं, 26 हजार नौकरी गंवाने वाले शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने भी जनता दरबार में पहुंचकर योग्यता के आधार पर नौकरी बहाल करने की मांग उठाई। प्रतिनिधि सुमन विश्वास ने इस संबंध में ज्ञापन सौंपा।
कारिगरी शिक्षा व्यवस्था में स्थायी नियुक्ति दोबारा शुरू करने की मांग भी उठी। मलय सिंह राय ने आरोप लगाया कि तकनीकी शिक्षा संस्थानों में भ्रष्टाचार के कारण पिछले 15 वर्षों से नियुक्तियां नहीं हुई हैं और स्थायी पदों को अस्थायी बना दिया गया है।
इसके अलावा, सुचित्रा डे ने राज्य की कुछ नौकरियों में अनाथों के लिए आरक्षण व्यवस्था दोबारा लागू करने की मांग की। उनका आरोप था कि आरक्षण समाप्त होने से अनाथ युवाओं को नौकरी पाने में कठिनाई हो रही है।
सभी शिकायतें सुनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। दोपहर करीब 12 बजे वह सॉल्टलेक स्थित पार्टी कार्यालय से रवाना हो गए।
भाजपा की ओर से पहले ही घोषणा की गई थी कि प्रत्येक सोमवार सुबह नौ बजे से 11 बजे तक ‘जनता दरबार’ आयोजित किया जाएगा, जहां शुभेंदु अधिकारी आम लोगों की समस्याएं सुनेंगे। इस दौरान भाजपा नेता लॉकेट चटर्जी और शशि अग्निहोत्री समेत कई प्रदेश नेता भी मौजूद रहे। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों के कारण सुरक्षा कर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी।
उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह सोना पप्पू को प्रवर्तन निदेशालय ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने अदालत में दावा किया था कि वह लोगों को डराकर कम कीमत में जमीन और संपत्ति हथियाने के नेटवर्क से जुड़ा था। एजेंसी ने कारोबारी जय कामदार और पुलिस अधिकारी शांतनु सिंह विश्वास का भी उल्लेख किया था।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

