आज हलिशहर जाएंगे शुभेंदु अधिकारी, मृत तृणमूल कार्यकर्ता के परिवार से मुलाकात के आसार
कोलकाता, 10 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी सोमवार को हलिशहर जाएंगे। वह कांचड़ापाड़ा में पुलिस हिरासत के दौरान जान गंवाने वाले तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ता के परिवार से भी मुलाकात कर सकते हैं।
रविवार को इसी परिवार से मिलने जाते समय पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हलिशहर में विरोध-प्रदर्शन का सामना करना पड़ा था। उनकी गाड़ी की ओर कीचड़ और फटी हुई चप्पलें फेंके जाने का आरोप है। प्रदर्शनकारियों ने ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए थे। इस घटना के अगले ही दिन शुभेंदु अधिकारी हलिशहर पहुंच रहे हैं।
मृत तृणमूल कार्यकर्ता के घर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी स्थानीय थाने में जाकर पुलिस अधिकारियों से भी बातचीत कर सकते हैं।
दरअसल, वसूली समेत कई आरोपों के आधार पर कांचड़ापाड़ा नगरपालिका की तृणमूल कांग्रेस की पूर्व पार्षद जेनी शर्मा केवट के पति बिरजू केवट को हलिशहर थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश ने उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था। हालांकि, शनिवार को पुलिस हिरासत में उनकी मौत की खबर सामने आई। जेनी शर्मा ने आरोप लगाया है कि थाने के लॉकअप के अंदर पुलिस की पिटाई से उनके पति की मौत हुई।
रविवार को ममता बनर्जी जेनी के परिवार से मिलने कांचड़ापाड़ा पहुंची थीं। उनके साथ लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सांसद डोला सेन भी थीं। हलिशहर में ममता के काफिले को विरोध का सामना करना पड़ा। घटना के बाद ममता बनर्जी ने राज्य सरकार और पुलिस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शुभेंदु अधिकारी को भी निशाने पर लिया। ममता ने आरोप लगाया कि पुलिस उपद्रवियों को संरक्षण दे रही है और कहा कि बंगाल की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
ममता बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई थी और कहा कि उन पर हमला हो सकता था। उन्होंने पुलिस पर भाजपा को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
भाजपा ने ममता बनर्जी के आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया। पार्टी की ओर से कहा गया कि पूर्व मुख्यमंत्री कांचड़ापाड़ा में लोगों को उकसाने के लिए गई थीं और स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। शुभेंदु अधिकारी ने भी तंज कसते हुए कहा कि इतने भ्रष्टाचार के बाद अगर लोग ‘चोर’ कह रहे हैं तो इसे सुनना पड़ेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

