शुभेंदु ने लगाया पुलिस अधिकारी पर भाजपा नेता को तृणमूल में शामिल होने का दबाव बनाने का आरोप
कोलकाता, 20 मार्च (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को पूर्व मेदिनीपुर जिले के एक थाना प्रभारी पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक नेता को तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जिस दिन भाजपा उम्मीदवारों की सूची जारी हुई, उस दिन जिले के प्रमुख भाजपा नेता विश्वनाथ बनर्जी का नाम संभावित उम्मीदवारों में माना जा रहा था, लेकिन अंतिम सूची में उनका नाम नहीं आया। इसके तुरंत बाद महिषादल थाना प्रभारी ने उन्हें संदेश के माध्यम से संपर्क कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने को कहा।
उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद किसी भी पुलिस अधिकारी द्वारा इस तरह की राजनीतिक गतिविधि करना नियमों के खिलाफ है।
इस मामले में शुभेंदु अधिकारी स्वयं महिषादल थाने पहुंचे थे ताकि संबंधित अधिकारी से बात कर सकें, लेकिन उस समय थाना प्रभारी मौजूद नहीं थे। इसके बाद उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद अधिकारी को संदेश देकर कहा कि संबंधित थाना प्रभारी को भविष्य में ऐसी हरकतों से दूर रहने को कहा जाए।
उन्होंने कहा कि इस बार उन्होंने केवल चेतावनी दी है, लेकिन यदि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई गईं तो मामला भारत के चुनाव आयोग के समक्ष उठाया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में तमलुक के उपमंडलीय पुलिस अधिकारी ने भी कुछ स्थानीय भाजपा नेताओं को अपने कार्यालय में बुलाकर उन्हें निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने का सुझाव दिया था। उन्होंने दावा किया कि इस घटना के वीडियो प्रमाण भी उनके पास मौजूद हैं।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मियों से अपील की कि वे चुनाव आचार संहिता के दौरान सत्तारूढ़ दल के पक्ष में काम कर अपने करियर को खतरे में न डालें। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों का वेतन सरकारी कोष से मिलता है, किसी राजनीतिक दल से नहीं, इसलिए उन्हें निष्पक्ष रहना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

