विधानसभा में मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान, आईपीएस कोटेश्वर राव समेत कई पुलिस अधिकारी निलंबित
कोलकाता, 25 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला सुनाते हुए तृणमूल शासनकाल के दौरान विवादों में रहे कई पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मामलों की विस्तृत जांच भी कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने दक्षिण 24 परगना के काकद्वीप में देवी काली की प्रतिमा तोड़े जाने की घटना के बाद हुए पुलिस लाठीचार्ज का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय सुंदरबन पुलिस जिले के पुलिस अधीक्षक रहे आईपीएस कोटेश्वर राव के नेतृत्व में 500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे स्थानीय लोगों पर बल प्रयोग किया था और प्रतिमा को प्रिजन वैन में ले जाया गया था। इस मामले में आईपीएस कोटेश्वर राव को भी निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि कालियागंज में कक्षा 9 की नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में जांच को प्रभावित करने के आरोप में कालियागंज थाने के तत्कालीन प्रभारी मोअज्जिन हुसैन को निलंबित किया गया है। साथ ही उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी पंकज दत्त के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले में जांच अधिकारी को निलंबित कर दिया गया है। उस समय संबंधित थाने के प्रभारी रहे सुवर्ण दत्त चौधरी, जो वर्तमान में कोलकाता पुलिस की विशेष शाखा में तैनात हैं, को भी निलंबित करने की घोषणा की गई।
कृष्णनगर में जगद्धात्री पूजा विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं पर लाठीचार्ज और सनातन धर्म के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के आरोप में इंस्पेक्टर अमलेंदु विश्वास को भी निलंबित कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी मामलों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और किसी भी अधिकारी को जवाबदेही से छूट नहीं दी जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

