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अन्नपूर्णा योजना का पैसा किन्हें मिलेगा, कौन होंगे बाहर? मुख्यमंत्री ने आय और अन्य शर्तें स्पष्ट कीं

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अन्नपूर्णा योजना का पैसा किन्हें मिलेगा, कौन होंगे बाहर? मुख्यमंत्री ने आय और अन्य शर्तें स्पष्ट कीं


कोलकाता, 12 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने मिलने वाली 3,000 रुपये की सहायता राशि को लेकर राज्य सरकार ने पात्रता की शर्तें स्पष्ट कर दी हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को नवान्न में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि किन महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा और किन्हें निर्धारित आय, उम्र, जमीन तथा रोजगार संबंधी मानदंडों के कारण योजना से बाहर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि पात्र लाभार्थियों को चिंता करने की जरूरत नहीं है और आगामी 17 अगस्त से उनके बैंक खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू होगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, अन्नपूर्णा योजना का लाभ 25 से 60 वर्ष की आयु वाली महिलाओं को मिलेगा। 25 वर्ष से कम उम्र की महिलाएं इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगी। इसके अलावा आय की भी सीमा तय की गई है। यदि किसी महिला की मासिक आय 10 हजार रुपये है, तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसी तरह जिन परिवारों की वार्षिक आय 12 लाख रुपये है, वे भी अन्नपूर्णा योजना के दायरे से बाहर रहेंगे।

जमीन के स्वामित्व को लेकर भी शर्त निर्धारित की गई है। राज्य के सात नगर निगम क्षेत्रों में रहने वाले किसी व्यक्ति के पास 50 डेसिमल से अधिक जमीन होने पर वह योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन से संबंधित इस शर्त में छूट दी गई है।

केंद्र या राज्य सरकार, पंचायत अथवा नगरपालिका, सरकारी या सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में कार्यरत लोगों तथा स्थायी सरकारी नौकरी करने वाले परिवारों को भी अन्नपूर्णा योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि, किसी संस्था में ठेका श्रमिक के रूप में काम करने वाले लोगों के परिवार के सदस्य योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे।

पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से मिलने वाली राशि को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। 25 से 60 वर्ष की आयु वाली जिन महिलाओं को 3,000 रुपये से कम की कोई अन्य सहायता राशि मिल रही है, उन्हें अन्नपूर्णा योजना के तहत केवल 3,000 रुपये की राशि मिलेगी। उदाहरण के तौर पर विधवा भत्ता के रूप में 1,500 रुपये पाने वाली महिला को दोनों राशियां अलग-अलग नहीं मिलेंगी।

हालांकि, दो मामलों में यह नियम लागू नहीं होगा। दिव्यांग भत्ता पाने वाले लाभार्थियों को दोनों भत्ते मिलेंगे। इसके अलावा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से लाभ पाने वाले किसानों के परिवार के सदस्य भी अन्नपूर्णा योजना के तहत 3,000 रुपये की सहायता प्राप्त कर सकेंगे।

तीन कमरों वाले मकान को लेकर पहले अन्नपूर्णा योजना में एक शर्त रखी गई थी। ऐसे मकान में रहने वाले परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिलने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने अब स्पष्ट किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों के मामले में इस शर्त में भी छूट दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदन पत्रों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जिन लाभार्थियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, उनके बैंक खातों में सीधे राशि भेजी जाएगी। वित्त विभाग जिलावार लाभार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरित करेगा।

उन्होंने बताया कि पात्र लाभार्थियों को हर महीने दूसरे सप्ताह में राशि देने की व्यवस्था की जाएगी। यानी सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र महिलाओं को नियमित रूप से उनके बैंक खातों में सीधे सहायता राशि मिलती रहेगी। इस महीने 17 अगस्त को अगली किस्त जारी की जाएगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, जुलाई में एक करोड़ से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में अन्नपूर्णा योजना की राशि भेजी गई थी। हालांकि, कई लोगों ने पात्र होने के बावजूद राशि नहीं मिलने की शिकायत की थी। इसके बाद आवेदन और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की गई।

सरकार ने योजना के लिए होने वाले खर्च का भी आकलन शुरू कर दिया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आठ महीने में अन्नपूर्णा योजना पर करीब 48 से 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। योजना शुरू होने से पहले बजट में 38 लाख रुपये का प्रावधान किया गया था।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जून में 28 लाख महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना की राशि दी गई थी। जुलाई में यह संख्या बढ़कर एक करोड़ 19 लाख हो गई। उन्होंने कहा कि अगली किस्त में लाभार्थियों की संख्या और बढ़ सकती है।

लाभार्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए सरकार एक शिकायत पोर्टल भी शुरू करेगी। इस व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी प्रखंड विकास अधिकारियों को दी जाएगी, जबकि पूरे मामले की देखरेख मुख्य सचिव करेंगे।

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय 500 रुपये की सहायता राशि देने वाली योजना में भी लंबे समय तक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया चली थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार का उद्देश्य केवल पात्र लोगों को ही योजना का लाभ देना है। इसलिए सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर पात्र लाभार्थियों को अनावश्यक रूप से चिंतित होने की जरूरत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जिन महिलाओं का सत्यापन पूरा हो चुका है और जो निर्धारित मानदंडों को पूरा करती हैं, उन्हें 17 अगस्त से अन्नपूर्णा योजना की राशि मिलनी शुरू हो जाएगी।--------------

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर