गणेश पूजा पर वामपंथियों के विरोध को लेकर शुभेंदु का तंज, विश्वकर्मा पूजा पर नवान्न में पुष्पांजलि के लिए दिया न्योता
कोलकाता, 14 सितंबर (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गणेश पूजा को लेकर वामपंथियों की आपत्ति पर तंज कसते हुए उन्हें विश्वकर्मा पूजा के दिन राज्य सचिवालय नवान्न में पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए आमंत्रित किया। सोमवार को बालीगंज स्थित भारत सेवाश्रम संघ की गणेश पूजा के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों ने पूजा-उत्सवों पर लगाए गए अनावश्यक प्रतिबंधों की दीवार तोड़कर गणपति बप्पा को घरों से निकालकर सड़कों तक पहुंचाया है।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ पिछले चार वर्षों से गणेश पूजा का आयोजन कर रहा है। पहले सड़क पर पूजा आयोजित करने की अनुमति नहीं मिलती थी और इसे परिसर के भीतर ही सीमित रखना पड़ता था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोग पूजा में शामिल होते थे। उन्होंने कहा कि अंततः आम लोगों ने गणपति को घर की चारदीवारी से बाहर निकालकर सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार यह कल्पना भी नहीं कर सकती थी कि बंगाल में गणेश पूजा इस तरह सड़कों पर सार्वजनिक उत्सव का रूप लेगी। लोगों ने इसे संभव कर दिखाया है। कुछ ही दिनों में देवीपक्ष शुरू होने वाला है और गणेश चतुर्थी के साथ ही बंगाल में उत्सव का माहौल शुरू हो गया है।
वामपंथियों पर निशाना साधते हुए शुभेंदु ने कहा कि कुछ कम्युनिस्ट इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि गणेश पूजा, जिसे वे महाराष्ट्र से जोड़ते हैं, बंगाल में क्यों मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी भारतीय हिंदू हैं और उनके बीच किसी तरह की क्षेत्रीय विभाजन की दीवार नहीं होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ऐसी दीवारों को तोड़ दिया गया है और सभी लोग मिलकर रहेंगे।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने वामपंथी नेताओं को व्यंग्यात्मक अंदाज में नवान्न आने का न्योता दिया। उन्होंने कहा, मैं नवान्न में विश्वकर्मा पूजा के दिन पुष्पांजलि दूंगा। मैं आप लोगों को भी आमंत्रित करता हूं। उस दिन नवान्न आइए और मेरे साथ खड़े होकर पुष्पांजलि दीजिए।
मुख्यमंत्री ने देशविरोधी ताकतों और टुकड़े-टुकड़े गैंग पर भी निशाना साधा। उन्होंने लोगों से ऐसी ताकतों से दूरी बनाए रखने की अपील की, जो उनके अनुसार देश में रहकर देश को नुकसान पहुंचाना चाहती हैं। साथ ही उन्होंने सनातन परंपराओं और सांस्कृतिक प्रतीकों के संरक्षण पर जोर देते हुए टीका, शिखा, शाखा और पोला जैसी परंपराओं के सम्मान की बात कही।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि गणेश पूजा की बढ़ती लोकप्रियता बंगाल के लोगों के बीच सनातनी एकता को भी दर्शाती है। उन्होंने कहा कि बंगाली भाषी लोगों और गुजराती, बिहारी तथा हिंदी भाषी समुदायों के बीच जो विभाजन की दीवार थी, उसे तोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी सनातनी हैं, सभी भारतीय हैं और सभी हिंदुस्तानी हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

