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गोंदलपाड़ा जूट मिल में अस्थायी रूप से काम बंद करने का नोटिस, तीन हजार से अधिक श्रमिकों पर संकट

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हुगली, 23 जून (हि. स.)। जिले के चंदननगर स्थित ऐतिहासिक गोंदलपाड़ा जूट मिल में एक बार फिर काम बंद होने की नौबत आ गई है। मिल प्रबंधन ने आगामी 27 जून से कारखाने में ‘सस्पेंशन ऑफ वर्क’ (काम स्थगन) का नोटिस जारी किया है। इस निर्णय के चलते मिल के तीन हजार से अधिक श्रमिकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

मंगलवार को मिल प्रबंधन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही भारी वृद्धि और बाजार में पर्याप्त मात्रा में कच्चे जूट की उपलब्धता न होने के कारण उत्पादन लागत में अत्यधिक बढ़ोतरी हुई है।

प्रबंधन का दावा है कि मौजूदा परिस्थितियों में लगातार घाटा उठाकर मिल का संचालन जारी रखना संभव नहीं रह गया है। इसी वजह से अस्थायी रूप से उत्पादन कार्य बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

मिल प्रबंधन के इस फैसले की खबर फैलते ही श्रमिकों के बीच नाराजगी और चिंता का माहौल बन गया। श्रमिकों का आरोप है कि कच्चे माल की कमी और बढ़ती लागत का हवाला देकर बार-बार मिल में काम बंद कर दिया जाता है, जिससे हजारों परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है।

श्रमिकों का कहना है कि मिल बंद होने से केवल कर्मचारियों की आय ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि जूट उद्योग पर निर्भर स्थानीय व्यापार और आसपास की अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ता है। उन्होंने सरकार और श्रम विभाग से मामले में हस्तक्षेप कर समाधान निकालने की मांग की है।

गौरतलब है कि गोंदलपाड़ा जूट मिल हुगली जिले की प्रमुख औद्योगिक इकाइयों में से एक है और यहां बड़ी संख्या में श्रमिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार से जुड़े हुए हैं। ऐसे में एक बार फिर काम बंद होने की घोषणा ने श्रमिक परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय