सुमित राय को साथ लेकर कालीघाट के फ्लैट में पहुंची सीआईडी, दो घंटे चली तलाशी
कोलकाता, 15 सितंबर (हि. स.)। शालबनी जमीन घोटाला मामले की जांच के सिलसिले में सीआईडी मंगलवार को अभिषेक बनर्जी के सहायक सुमित राय को साथ लेकर कालीघाट स्थित एक फ्लैट में पहुंची। अदालत के निर्देश पर सुमित फिलहाल सीआईडी हिरासत में हैं। जांच अधिकारियों ने उन्हें साथ लेकर फ्लैट में करीब दो घंटे तक तलाशी अभियान चलाया। यह फ्लैट अभिषेक बनर्जी के आवास के पास स्थित बताया जा रहा है। मंगलवार दोपहर करीब एक बजे सीआईडी की टीम सुमित राय को लेकर कालीघाट पहुंची।
मंगलवार को गिरफ्तार तीनों आरोपितों को मेदिनीपुर सीजेएम अदालत में पेश किया गया। सीआईडी ने आठ दिनों की हिरासत की मांग की थी, लेकिन अदालत ने चार दिनों की सीआईडी हिरासत मंजूर की। अदालत के निर्देश के अनुसार सुमित राय समेत इन तीनों आरोपितों को 19 सितंबर को फिर अदालत में पेश किया जाएगा।
जांच सूत्रों के मुताबिक, जिस फ्लैट में तलाशी ली गई, वह सुमित राय का बताया जा रहा है। जांचकर्ताओं ने फ्लैट के विभिन्न हिस्सों की तलाशी ली और कई दस्तावेजों तथा अन्य सामान की जांच की। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
शालबनी जमीन मामले में सीआईडी ने सोमवार को तीन और लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अमित घोष, नित्यानंद राय और लक्ष्मीकांत भुइयां के रूप में हुई है। तीनों को शालबनी थाना क्षेत्र के गायघाटा और मेटल गांव से गिरफ्तार किया गया था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अमित घोष मेदिनीपुर के पूर्व विधायक सुजय हाजरा के करीबी के तौर पर भी जाने जाते हैं।
शालबनी निवासी शेख इमरान की ओर से जमीन घोटाले को लेकर दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी में अमित घोष का नाम छठे नंबर पर है। आरोप है कि 50 एकड़ से अधिक सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कराकर उसे बेचने का प्रयास किया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि सुमित राय समेत गिरफ्तार किए गए लोग इस कथित गिरोह का हिस्सा थे।
जांच सूत्रों के अनुसार, इस मामले में सुमित राय की कथित भूमिका को लेकर अमित घोष के पास महत्वपूर्ण जानकारी होने की संभावना है। हालांकि अमित घोष ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि जमीन घोटाले से उनका कोई संबंध नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

