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पुल के अभाव में नाव से विद्यालय जाने को विवश हैं चंद्रकोणा के विद्यार्थी

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पुल के अभाव में नाव से विद्यालय जाने को विवश हैं चंद्रकोणा के विद्यार्थी


मेदिनीपुर, 09 अगस्त (हि.स.)। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा-एक विकासखंड के बेड़ाबेड़िया ग्राम तथा आसपास के अनेक गांवों के विद्यार्थियों और ग्रामीणों को आज भी पुल के अभाव में नाव के सहारे आवागमन करना पड़ रहा है। विद्यालय जाने वाले छोटे-छोटे विद्यार्थी प्रतिदिन कंधे पर बस्ता और हाथ में जूते लेकर नाव से नदी पार कर जीवन जोखिम में डालने को विवश हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, बेड़ाबेड़िया ग्राम सहित आसपास के कई गांवों के सैकड़ों निवासी लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं। अनेक बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष मांग रखने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

परिणामस्वरूप विद्यार्थियों, महिलाओं, वृद्धों तथा अन्य ग्रामीणों को प्रतिदिन नाव से आवागमन करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षाकाल में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। जलस्तर बढ़ने पर नाव से आवागमन अत्यंत जोखिमपूर्ण हो जाता है, फिर भी शिक्षा, उपचार और दैनिक आवश्यकताओं के लिए लोगों को इसी मार्ग का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारें और प्रशासनिक अधिकारी बदलते रहे, लेकिन पुल निर्माण का उनका वर्षों पुराना सपना अब तक पूरा नहीं हुआ। इसका सीधा प्रभाव शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और सामान्य जनजीवन पर पड़ रहा है।

इस संबंध में क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी विधायक सुकांत दोलाई ने समस्या स्वीकार करते हुए कहा कि विषय को गंभीरता से लिया जाएगा तथा आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग से चर्चा की जाएगी। ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से शीघ्र स्थायी पुल निर्माण कराने की मांग की है, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या का समाधान हो सके और लोगों को जोखिम भरा आवागमन न करना पड़े।

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हिन्दुस्थान समाचार / अभिमन्यु गुप्ता