home page

जिराट में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती मनाई गई, स्मारक संग्रहालय के लिए पैतृक आवास सरकार को सौंपा गया

 | 

हुगली, 06 जुलाई (हि. स.)। जिले के जिराट स्थित श्यामा प्रसाद स्मृति संघ मैदान में सोमवार को पश्चिम बंगाल सरकार और हुगली जिला प्रशासन की ओर से भारत के महान शिक्षाविद्, राष्ट्रवादी चिंतक और जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समारोह में राज्य सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी तथा डॉ. मुखर्जी के परिजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में राज्य की मंत्री सुमना सरकार और भास्कर भट्टाचार्य, चुंचुड़ा के विधायक सुबीर नाग, हुगली के जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी, हुगली ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कुंवर भूषण सिंह, श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष अनिर्बान गांगुली, डॉ. मुखर्जी के वंशज बाणी प्रसाद मुखर्जी एवं उनके परिवार के सदस्य सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

समारोह की शुरुआत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। उपस्थित सभी गणमान्य लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के वंशजों ने जिराट स्थित उनके पैतृक आवास को प्रस्तावित संग्रहालय (म्यूजियम) के निर्माण के लिए प्रतीकात्मक रूप से राज्य सरकार को सौंप दिया। इस पहल को उनकी स्मृतियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

समारोह को संबोधित करते हुए श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन के अध्यक्ष अनिर्बान गांगुली ने कहा कि यह दिन केवल एक जयंती नहीं, बल्कि बंगाल और देश के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अखंड और श्रेष्ठ भारत के निर्माण का सपना देखा था तथा स्वतंत्र भारत में कुटीर उद्योगों से लेकर रेल इंजन निर्माण जैसे औद्योगिक विकास की दूरदर्शी परिकल्पना भी प्रस्तुत की थी।

उन्होंने कहा कि लंबे समय से उनकी इच्छा थी कि जिराट को राष्ट्रीय स्तर पर एक विशिष्ट पहचान मिले। जिस प्रकार देशभर से लोग सरदार पटेल के स्मारक और काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं, उसी प्रकार जिराट में भी एक भव्य स्मारक एवं संग्रहालय विकसित किया जाए, ताकि देशभर के लोग यहां आकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, विचारों और योगदान से परिचित हो सकें।

अनिर्बान गांगुली ने कहा कि डॉ. मुखर्जी का एकमात्र लक्ष्य भारत माता की सेवा और राष्ट्र निर्माण था तथा सभी को उनके आदर्शों को अपनाकर आगे बढ़ना चाहिए।

उन्होंने इस भव्य आयोजन के लिए पश्चिम बंगाल सरकार और हुगली जिला प्रशासन का आभार भी व्यक्त किया।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / धनंजय पाण्डेय