विपक्ष के नेता को लेकर तृणमूल की नई पहल, अभिषेक बनर्जी ने फिर स्पीकर को लिखा पत्र
कोलकाता, 02 जून (हि. स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता के चयन को लेकर जारी विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजा है। तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु को लिखे पत्र में वरिष्ठ विधायक शोभनदेव चटर्जी को विपक्ष के नेता के रूप में मान्यता देने का अनुरोध किया है।
सूत्रों के अनुसार, पत्र में शोभनदेव चटर्जी के नाम को पुनः विपक्ष के नेता पद के लिए प्रस्तावित किया गया है। इसके साथ ही तृणमूल विधायक दल के उपनेता के रूप में नयना बनर्जी और असीमा पात्रा तथा मुख्य सचेतक के रूप में फिरहाद हाकिम के नाम भी सुझाए गए हैं।
विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति का मामला हाल ही में कथित हस्ताक्षर विवाद के कारण उलझ गया है। इसी वजह से अब तक विधानसभा अध्यक्ष ने किसी भी नाम को औपचारिक स्वीकृति नहीं दी है।
इस बीच कथित हस्ताक्षर जालसाजी मामले ने तृणमूल कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सोमवार को राज्य सचिवालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि तृणमूल विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित नकल किए जाने की शिकायत विधानसभा अध्यक्ष से की थी। उनके आरोपों के आधार पर विधानसभा की ओर से हेयर स्ट्रीट थाने को सूचित किया गया, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मुख्यमंत्री की पत्रकार वार्ता समाप्त होने के लगभग 15 मिनट बाद तृणमूल कांग्रेस ने उलूबेड़िया पूर्व के विधायक ऋतब्रत बनर्जी और एंटाली के विधायक संदीपन साहा को पार्टी से निष्कासित करने का फैसला किया।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को तृणमूल कांग्रेस के भीतर बढ़ते तनाव और विपक्ष के नेता के चयन को लेकर पैदा हुए विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सभी की नजर विधानसभा अध्यक्ष के अगले कदम पर टिकी हुई है, जो विपक्ष के नेता के मुद्दे पर अंतिम निर्णय ले सकते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर

